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विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित सड़क सुरक्षा से संबंधित उच्चस्तरीय कमिटी ने अपना प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को सौंपा


पटना, 26 अप्रैल 2018:- विकास आयुक्त श्री षिषिर सिन्हा की अध्यक्षता में गठित सड़क सुरक्षा से संबंधित उच्चस्तरीय कमिटी ने आज अपना प्रतिवेदन 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री को समर्पित किया।

उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के अवलोकनोपरांत मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि सड़कों की जो संरचनायें हैं, उसमें आवष्यक सुधार सड़क सुरक्षा को देखते हुये निर्धारित समय सीमा के अन्दर सुनिष्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि अब जो भी नयी सड़के बनें, उसमें अंडरपास और फुट ओवरब्रिज की भी जरूरत के मुताबिक व्यवस्था होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि फुट ओबरब्रिज का डिजाइन और स्लोप ऐसा हो कि दिव्यांग व्यक्ति और जानवर भी आसानी से उस पर जा सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यकतानुसार दुर्घटना स्थलों, ब्लैक स्पाॅटों पर आदेशात्मक, सचेतक एवं सूचनात्मक सड़क चिन्हों का प्रयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहँा आबादी का घनत्व ज्यादा है तथा अगल-बगल गाँव, स्कूल अथवा बसावट हों एवं आम नागरिक अपनी रोजी-रोटी या जीविकोपार्जन हेतु सड़क पार करते हों, वैसे स्थानों पर संभावित दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग तथा राष्ट्रीय उच्च पथ रैम्प के साथ फुट ओवरब्रिज ;थ्ववज व्अमत ठतपकहमद्ध एवं न्दकमत च्ंेे का निर्माण इस प्रकार करें कि इसका उपयोग सामान्य जन के साथ-साथ दिव्यांग भी कर सके। उन्होंने निर्देष दिया कि ठलचंेेमेए ेमतअपबम तवंकए ूंल.ेपकम ंउमदपजपमे एवं च्मकमेजतपंद के लिए विशेष रूप से फुटपाथ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर कांडों में वत्र्तमान समय में धारा-304(।) (भा0द0वि0) के अन्तर्गत कांड अंकित किये जाते है, जो जमानतीय धारा है। इसमें अधिकतम 02 वर्ष की सजा का प्रावधान है। न्यायालय द्वारा कभी-कभी मात्र दंड के रूप में जुर्माने की राशि अदा करने के पश्चात दोषी चालकों को मुक्त किया जाता है। इस धारा में आवश्यक सुधार की आवश्यकता है। इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कड़े कानून की अनुशंसाएँ की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधि विभाग से परामर्श लेकर सजा बढ़ाये जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई किये जाने के फलस्वरूप दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे कल के जिम्मेदार नागरिक है। अतः सही समय पर इनके मन में सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील भावना जागृत करना आवश्यक है। सड़क हादसों के फलस्वरूप बच्चों पर मुख्यतः मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक प्रभाव पड़ते हैं। ‘‘सड़क सुरक्षा नीति एवं कार्ययोजना’’ के अन्तर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार को महत्वपूर्ण मानते हुये नीति का निर्माण किया जाय ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके। इस हेतु विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यक्रम, विद्यार्थी निकायों एवं संगठनों, एवं अकादमिक संस्थाओं के साथ मिलकर विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता अभियान, प्रिंट एवं दृश्य मीडिया के माध्यम से खतरनाक चालन एवं इससे होने वाले परिणाम की जानकारी, नियमों के पालन हेतु प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन करना सुनिश्चित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चालक अनुज्ञप्ति के निर्गमन में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया जाय एवं सुयोग्य चालकों को ही अनुज्ञप्ति निर्गत की जाय ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आवश्यकतानुसार कम्प्यूटर बेस्ड सिमुलेटर की सभी जिलों में व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि वैसे आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जाय, जिससे जुर्माने की राशि की आॅटोमेटिक गणना हो सके तथा इसकी तत्काल सूचना वाहन मालिकों एवं वाहन चालकों को मैसेज के माध्यम से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वाहनों के फिटनेस की जाॅच ठीक से हो इसकी व्यवस्था भी सुनिष्चित की जाय। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा हेतु प्रवर्तन तंत्र को भी मजबूत किया जाना आवष्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क से सटे घनी आबादी वाले गाॅंवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सम्मानित गणमान्य व्यक्तियांे को सड़क सुरक्षा की जानकारी देने एवं दुर्घटना से बचाव हेतु सजग करने के लिए व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता है। स्कूली स्तर के पाठ्यक्रमों में भी सड़क सुरक्षा के संबंध में एक अध्याय सुनिश्चित रूप से होना चाहिए, शैक्षणिक संस्थाओं के वाहनों में गति नियंत्रक उपकरण का अधिष्ठापन, शैक्षणिक संस्थाओं के चालकों का नियमित अंतराल पर प्रशिक्षण, संगोष्ठी, सेमिनार, वाद-विवाद, प्रतियोगिता का आयोजन, प्रोत्साहन एवं रैली का आयोजन, पंचायत, म्यूनिसिपल वार्ड, प्रखण्ड, जिला एवं राज्य स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना, विद्यालय सुरक्षित परिवहन नीति के अंतर्गत सुरक्षित स्कूल बस परिचालन के लिए विद्यालय प्राधिकारों की जिम्मेवारी निर्धारित करना एवं सड़क किनारे के विद्यालयों के शिक्षकों एवं बच्चों को सड़क पार कराने के लिए मार्गदर्शिका विकसित करने का निदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की रक्षा के सर्वोपरि महत्व के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को आपात चिकित्सा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। ज्ञातव्य हो कि दुर्घटना के एक घंटे के अंदर, जिसे गोल्डेन आवर (ळवसकमद ीवनत) कहते हैं, में आपात चिकित्सा मुहैया करा दी जाती है तो मृतकों की संख्या मंे अप्रत्याशित कमी लाई जा सकती है। अतएव सभी प्रकार के एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाई जाय ताकि सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित चिकित्सा प्रदान किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कमिटी द्वारा प्राप्त अनुषंसाओं को लागू करने का निर्देष देते हुये कहा कि 12 करोड़ की आबादी वाले 94 हजार किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुये बिहार के अरबन सेमि अरबन और रूरल हर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुये कुछ अलग तरीके से सोचने और करने की आवष्यकता है और तभी सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में कमी आयेगी।

ज्ञातव्य है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये मुख्यमंत्री के निर्देष पर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गई थी, जिसमें प्रधान सचिव, गृह विभाग, प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग, सचिव-सह-विधि परामर्शी, सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, सचिव, परिवहन विभाग, राज्य परिवहन आयुक्त, एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बिहार, पटना इसके सदस्य थे।
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मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता की
अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट :
 

पटना, 26 अप्रैल 2018:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इससे जुड़े अपराध के आंकड़ों की जानकारी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विशेष थाना भवनों का निर्माण, पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति, वाहन उपलब्धता, जिला स्तर पर गठित निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के कार्यकलाप की समीक्षा के बिंदुओं पर चर्चा हुई।

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि अनुसूचित जाति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को विभिन्न कैटेगरी वाइज विष्लेषण करें, मामलों में क्या कार्रवाई हुयी है इसे भी देखें। अगर मामले में चार्जषीट दाखिल की गयी है तो कोर्ट से अग्रतर कार्रवाई जल्द हो इसका ध्यान रखें। उन्होंने यह भी निर्देष दिया कि अनुसूचित जति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में जाॅच लंबित नहीं रहनी चाहिये। उसके लिये एक समय अवधि निर्धारित की गयी है। पुलिस महानिदेषक इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट से जुड़े मामलों का निष्पादन समय सीमा के अंदर हो जाना चाहिए। पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव, सी0आई0डी0, आई0जी0 कमजोर वर्ग सबलोग बैठकर विश्लेषण कीजिए कि लंबित मामलों के निष्पादन में विलंब क्यों हो रहा है। समीक्षा के क्रम में आॅपरेषन भूमि दखल देहानी तथा अभियान बसेरा पर भी विस्तृत चर्चा की गयी। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि महादलित वर्ग के अन्दर अब सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को शामिल किया गया है। इसे देखते हुये सर्वे करा लीजिये, जिन्हें बास भूमि उपलब्ध नहीं है। यह कार्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माध्यम से किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने क्रय नीति की भी विस्तृत समीक्षा करने का निर्देष दिया।

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि जिला स्तर पर अनुसूचित जाति-जन जाति अधिकार अधिनियम सतर्कता समिति की बैठक निर्धारित समय सीमा के अन्दर होनी चाहिये। जिला स्तर पर साल में चार बैठकें होनी है इसे सुनिष्चित करायें। जिन जिलों में निर्धारित बैठकें नहीं की गयी हैं उन जिलों के जिलाधिकारी से कारण पृच्छा की जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि जिला स्तर पर सतर्कता समिति की बैठकों के आयोजन को जिलाधिकारी के ए0सी0आर0 का भी बिन्दु बनाया जाय। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि न सिर्फ अनुसूचित जाति-जन जाति थाने में अनुसूचित जाति-जन जाति निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करें बल्कि अन्य थानों में इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में उठाये गये विभिन्न बिन्दुओं पर क्या कार्रवाई की गयी है इसके लिये जल्द ही बैठक बुलायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्वरित विचारण एवं दोष सिद्धि दर (कनविक्षन रेट) बढ़ाने हेतु स्पीडी ट्रायल के लिये गृह सचिव के स्तर पर एक बैठक आयोजित की जाय, जिसमें पुलिस
 
महानिदेषक, पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) अपराध अनुसंधान विभाग एवं निदेषक अभियोजन के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की जाय। उन्होंने दोष सिद्धि दर बढ़ाने के लिये विधि विभाग, पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) एवं निदेषक अभियोजन के साथ विमर्ष करने एवं आवष्यक परामर्ष निर्गत करने का भी निर्देष दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दर्ज काण्डों के विभिन्न चरणों यथा- पोस्टमार्टम, फाॅरेसिंक जाॅच और आरोप पत्र दायर करने की स्थिति, ट्रायल, दोष सिद्धि, रिहाई, लंबित मामले, निष्पादन, राहत अनुदान का भुगतान की वास्तविक स्थिति की रियल टाइम माॅनिटरिंग के लिये एम0आई0एस0 विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम एवं जख्म प्रतिवेदन की टैªकिंग हेतु एम0आई0एस0 विकसित किया जाय। समय-समय पर अधिनियम एवं नियम के प्रावधानों में हुये परिवर्तन को देखते हुये संबंधित पदाधिकारियों को इस नियम एवं अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु नियमित रूप से प्रषिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रमों को संचालित करने का निर्देष दिया गया। इसके साथ ही अगली विधि व्यवस्था संबंधी बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत होने वाले अत्याचारों की प्रत्येक बिन्दु पर समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने ये भी निर्देष दिया कि आपदा प्रबंधन की तर्ज पर अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों, आश्रितों को समय सीमा के अंदर राहत अनुदान वितरण सुनिष्चित किया जाय।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री रमेश ऋषिदेव, परिवहन मंत्री श्री संतोष निराला, भवन निर्माण मंत्री श्री महेश्वर हजारी, सांसद श्री चिराग पासवान, विधायक श्री श्याम रजक, विधायक श्रीमती भागीरथी देवी, विधायक श्रीमती वीणा भारती, विधायक श्रीमती प्रेमा चैधरी, विधायक श्री मनीष कुमार, विधायक श्री प्रभुनाथ प्रसाद, विधायक श्री ललन पासवान, विधायक श्री मनोहर प्रसाद सिंह, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री के0एस0 द्विवेदी, प्रधान सचिव गृह श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष वर्मा, सचिव अनुसूचित जाति-जन जाति कल्याण विभाग श्री प्रेम कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव एवं वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री  ने  उत्तर  प्रदेष  के  कुषीनगर  रेल  हादसे  में बच्चों की  हुई  मौत  पर  गहरा शोक  व्यक्त  किया 


पटना,  26  अप्रैल  2018 :-  मुख्यमंत्री  श्री  नीतीश  कुमार  ने  उत्तर  प्रदेष  के  कुषीनगर  में  हुई  रेल दुर्घटना  में  11  बच्चों  की  हुई  मौत  पर  गहरा  दुख  एवं  शोक  व्यक्त  किया  है।  मुख्यमंत्री  ने  कहा कि  यह  घटना  अत्यंत  दुखद  है।
प्राप्त  सूचना  के  अनुसार  इस  रेल  दुर्घटना  में  बिहार  के  दो  बच्चों  की  भी  मौत  हुई  है और  दो  बच्चे  गंभीर  अवस्था  में  आई0सी0यू0  में  भर्ती  हैं।  मुख्यमंत्री  ने  दो  मृतक  बच्चों  के  बिहार में  रहने  वाले  उनके  निकटतम  परिजनों  को  दो-दो  लाख  रूपये  मुख्यमंत्री  राहत  कोष  से सहायता  राषि  देने  का  निर्देष  दिया  है  और  मुख्यमंत्री  ने  दुख  की  इस  घड़ी  में  मृतक  के  शोक संतप्त  परिजनों  को  धैर्य  धारण  करने की  शक्ति  प्रदान करने  की  ईष्वर से  प्रार्थना  की  है।
मुख्यमंत्री  ने  दुर्घटना  में  घायल  हुये  बच्चों  के  शीघ्र  स्वस्थ  होने  की  भी  ईष्वर  से  कामना
की  है।
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पटना में हुआ सुधीर मिश्रा की हिंदी फिल्‍म दास देव’ भव्‍य प्रीमियर शो
चीफ एडिटर ,कृष्ण कुमार संजय 


संजीव कुमार द्वारा सप्‍तऋषि सिने वीजन के बैनर तले प्रोड्यूस्‍ड और गौरव शर्मा के स्‍ट्रोम पिक्‍चर्स प्रजेंटेड हिंदी फिल्‍म दास देव’ का भव्‍य प्रीमियर शो आज पटना के पी एंड एम मॉल स्थित सिने पोलिस में संपन्‍न हुआ। यह फिल्‍म  27 अप्रैल से सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्‍म के प्रीमियर के दौरान बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमारसहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंहविधायक दीघा संजीव चौरसियावरिष्‍ठ आईएएस व एफटीआईआई के पूर्व चेयरमैन त्रिपुरारी शरणवरिष्‍ठ फिल्‍म समीक्षक विनोद अनुपम समेत कई गणमान्‍य लोग उपस्थित रहे है।
पटना में सप्‍तऋषि सिने वीजन के संजीव कुमार और प्रियंवद कुमार सिंह के द्वारा इस प्रीमियर शो का आयोजन किया गया। इसे पहले दास देवके प्रीमियर शो का आयोजन मुंबई में गुरूवार को हो चुका हैजिसके गवाह विधु विनोद चोपड़ाइम्तियाज अलीस्टार कास्ट - ऋचा चड्डाअदिति राव हादारीराहुल भटविनीत कुमार सिंहदिलीप ताहिल के साथ निर्देशक सुधीर मिश्रा भी मौजूद रहे। इसके अलावा प्रकाश झाहुमा कुरेशीमल्लिका  शेरावतनीतू चंद्रातनिष्ठा चटर्जीवरुण शर्मामंजोत सिंहविवान शाहबेजॉय नंबियारअर्जुन बाजवाअरको मुखर्जीरश्मी देसाईरतन राजपूत ने भी फिल्‍म देखी। वहींपटना के साथ – साथ आज दिल्‍ली में भी प्रीमियर शो का आयोजन किया गया। फिल्‍म को देशभर से शानदार प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
मशहूर लेखक शरतचंद्र चट्टोपाध्‍याय लिखित उपन्‍यास देवदास के रिवर्स स्पिन की मजबूत श्रृंखला को सुधीर मिश्रा ने पेश किया हैजिसमें ऋचा चड्डाराहुल भट्टअदिति राव हैदरीसौरभ शुक्‍लाविपिन शर्माविनीत कुमार सिंहदिपील तहल दमदार भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्‍म के गीत – संगीत को भी सराहना मिल रही है। 
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आज देश के 56 ग्रामीण बैंको के 30,000 रिटायर कर्मियों और उनके परिवार के लिए बड़ी खुशी का दिन है।ग्रामीण बैंकों को ग्रामीण विकास की धुरी माना जाता है लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे कि आजाद भारत मे ग्रामीण बैंक के कर्मियों से काम तो राष्ट्रीय बैंको से भी ज्यादा लिया जाता था लेकिन रिटायरमेंट के बाद इन बैंककर्मियों को पेंशन की सुविधा से वंचित रखा जाता था। राजस्थान हाईकोर्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट ने पेंशन देने का आदेश दिया था लेकिन 2012 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दिया था तबसे मामला अदालत में ही था।लेकिन आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के माननीय जस्टिस कुरियन जोसेफ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में इन बैंककर्मियों की वर्षो से चली आ रही मांग पर अपनी मुहर लगा दी। जस्टिस कुरियन जोसेफ ने अपने आदेश में लिखा है...
"देश के ग्रामीण आर्थिक विकाश के योगदान में ग्रामीण बैंको की सराहनीय भूमिका है जिसे नजर अंदाज किया जाना न्याय नहीं होगा , ग्रामीण बैंको के रिटायर सेवायुक्तों ने कमर्शियल बैंको के समान पेंशन के मांग गलत की है इन्हे कमर्शियल बैंको से अधिक सभी सुविधाएं और पेंशन का अधिकार है"
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आज पटना के  तारामंडल में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला पटना के उद्घाटन समारोह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया था।
द ग्रेट इन्डियन फर्नीचर लाइफस्टाइल डेकोर फेएर 2018 का उद्घाटन, 5.00 बजे प्रूव सूचित समय में किया गया। द ग्रेट इन्डियन फर्नीचर लाइफस्टाइल डेकोर फेएर 2018 का आयोजन द प्लानर्स ने की है,  27 अप्रैल  से 30  अप्रिल  2018 तक चलने वाले द ग्रेट इन्डियन फर्नीचर लाइफस्टाइल डेकोर फेएर 2018  पटना में नेक्स्ट जेन विज्ञापन कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा समर्थित है।
कला, संस्कृति शिल्प और फैशन, विभिन्न देशों के फर्नीचर को बढ़ावा देने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी एक ही मंच के तहत उत्पादों के एक विस्तृत प्लेटफार्म प्रदान करेगी।
विभिन्न देशों और शहर से करीब 30 लोगों के प्रतिनिधि इस घटना के लिए आ रहे हैं । यह फेयर बड़ी संख्या में भीड़ को आकर्षित करती है क्योंकि इस फेयरको  सफल घटना बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा जायेगा और हम पटना के कैलेंडर में इस सालाना आयोजन को भव्य बनाने की उम्मीद करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण दुबई के फर्नीचर हैं  ,  फर्नीचर अनुभाग के अलावा फैशन ड्रेस अनुभाग, आभूषण अनुभाग और भी हैं .
इस सम्मेलन में श्री सनी मलिक ने निदेशक द प्लानर  और  श्री कुमार प्रभाजन (निदेशक नेक्स्ट जेन एडवरटाइजिंग कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड) ने भाग लिया . 
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन  दीपक प्रज्वलन से सुरु हुआ  । व्यापार मेला  ,  27 अप्रैल  से 30  अप्रिल  2018 तक चलेगा .
जैसा कि प्रेस कांफ्रेंस मैं यह बतया गया की यह प्रयास बिहार को विश्व मानचित्र पर लाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार को बढ़ावा देने का काम करेगी । व्यापार मेला विभिन्न व्यवसायों के लिए एक मंच होगा जो एक दूसरे के साथ संवाद करने और उत्पादों के प्रदर्शन के अलावा कस्टम और संस्कृति को समझने के लिए होगा।
1. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण इस प्रकार है:
1) पेंटिंग
2) आभूषण अनुभाग
3) डिजाइनर पोशाक अनुभाग
4) फर्नीचर अनुभाग
5) गोमेद अनुभाग और कई और अधिक
6) भटिंडा से भारतीय हस्तशिल्प
7) अफगानिस्तान सूखे फल
8) पाकिस्तानी ब्लैंकेट्स
9) थाईलैंड शानदार फ़र्नीचर
10) बागवानी आइटम
व्यापार मेले में भारतीय कला संस्कृति की एक विस्तृत विविधता भी उपलब्ध है। यह चयन सावधानीपूर्वक सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ-साथ जीवनशैली का भी पालन करता है। व्यापार मेला दोनों एक विक्रय बाजार और एक मीटिंग बिंदु भी है।
हम दर्शकों, कला और जीवन शैली प्रेमियों और व्यापार मालिकों को उसी का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करेंगे।
द ग्रेट इन्डियन फर्नीचर लाइफस्टाइल डेकोर फेएर 2018 लोगों और राष्ट्रों का एक सम्मेलन होगा जहां दुनिया की विभिन्न उत्पादों , व्यवसायी और जीवनशैली प्रेमी एक  साथ एक मंच पर आयेंगे .
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पूर्व हिरोइन मन्दाकिनी पर विशेष लेख

अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट :

‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म की मंदाकिनी तो याद ही होंगी आपको. 22 साल की उम्र ने इस एक्ट्रेस ने लोगों को अपनी बोल्ड अदाओं से दीवाना बना दिया. मंदाकिनी का असली नाम यास्मीन जोसेफ है, वो मेरठ की रहने वाली हैं. मंदाकिनी का जिक्र आते ही लोगों के दिमाग में सिर्फ सफेद साड़ी में लिपटी झरने में नहाती खूबसूरत लड़की याद आती है. मंदाकिनी अपनी खूबसूरती के अलावा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कथित संबंधों की वजह से भी जानी जाती हैं. दाऊद से नजदीकी ने उनका फिल्मी करियर तबाह करके रख दिया था.लोग कानाफूसी करते थे कि मंदाकिनी दाऊद की गर्लफ्रेंड थी लेकिन उनका कहना था कि हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं. लोगों ने कहा कि मंदाकिनी को फिल्मों में काम भी दाऊद की वजह से मिलता है. लेकिन जब मंदाकिनी की बदनामी बढ़ी तो उन्हें काम मिलना बंद हो गया.
आज हम आपको दिखाते हैं कि वो अब कैसी दिखती हैं. ये है उनकी ताजा तस्वीर.आज समय के साथ साथ काफी हद तक बदल चुकी है.
अभिनेत्री मंदाकिनी का जन्म साल 1963 के अंदर हुआ था आपपकि जानकारी के लिए बात दे कि मंदाकिनी बॉलीवुड की सबसे मश्हूए अभिनेत्रियो में से एक है मंदाकिनी ने बॉलीवुड के अंदर एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी है.
मंदाकिनी ने साल 1990 में डॉ. काग्युर टी रिनपोचे ठाकुर से शादी कर ली थी. ठाकुर 1970 से 1980 के दशक में मर्फी रेडियो के प्रिंट के ऐड में नजर आते थे. रणबीर कपूर की फिल्म बर्फी में इस बच्चे का जिक्र था. बाद में ठाकुर भिक्षु बन गए और फिर आगे जाकर उन्होंने मंदाकिनी से शादी कर ली थी. हालांकि शादी के बाद भी उन्होंने धार्मिक राह नहीं छोड़ी. मंदाकिनी और ठाकुर के 2 बच्चे हुए. बेटा रब्बील और बेटी राब्जे. रब्बील का साल 2000 में हुए एक एक्सीडेंट में निधन हो गया था.
मंदाकिनी एक अभिनेत्री होने के साथ साथ एक जबरदस्त डांसर भी है मंदाकिनी की वर्तमान आयु लगभग 54 वर्ष है अभिनेत्री मंदाकिनी ने बॉलीवुड के अंदर की सारी फिल्मो के अंदर काम कर रखा है.
जिनके अंदर तेजाब राम तेरी गंगा मैली आग जैसी सुपर हिट फिल्में शामिल है अभिनेत्री मंदाकिनी बॉलीवुड की क्लासिक सुपरहिट अभिनेत्रियो में से एक है हालांकि अब समय के साथ मंदाकिनी काफी बदल चुकी है जो कि आपको तस्वीरों में दिख रहा है.