एनआईटी सुमाड़ी, श्रीनगर को लेकर किसी भी तरह की अटकलों और संदेहों को ख़ारिज करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ़ कर दिय है कि एनआईडी अपने पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा.

मंगलवार को नई दिल्ली में संबंधित केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी अगले साल से पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू करेगा.

दरअसल पिछले कुछ समय से एनआईटी को स्थानांतरित किए जाने को लेकर एक तरह का विवाद खड़ा किया जा रहा है. अब तक एनआईटी श्रीनगर में एक किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है. यहां सुविधाओं की कमी की वजह से छात्र-छात्राएं परेशान हैं.

बीते महीने एनआईटी को पहाड़ से मैदान में शिफ़्ट करने को लेकर एनआईटी कैंपस के विद्यार्थियों ने कई दिन तक धरना दिया था. हालांकि तब भी राज्य सरकार ने श्रीनगर से एनआईटी को शिफ़्ट करने की मांग को नकार दिया था और कहा था कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर श्रीनगर एनआईटी और नए केंद्रीय विद्यालयों के विषय में चर्चा की.

मुलाकात के बाद मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में एनआईटी श्रीनगर पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा. एनआईटी के प्रदेश से बाहर स्थानांतरित होने की कोई वजह नहीं है और राज्य सरकार एनआईटी संचालन और निर्माण में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने पर भी केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है.

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