मूल रूप से टिहरी के रहने वाले छात्रा के परिजनों ने तहरीर में बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी नैनबाग टिहरी गढ़वाल में कक्षा 10 में पढ़ती है। यहां विज्ञान के अध्यापक प्रवेश कुमार उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ समय-समय पर दुराचार करता था। जब छात्रा की तबीयत खराब हुई तो उसे लेकर परिजन देहरादून अस्पताल पहुंचे, जहां पता चला कि उनकी बेटी प्रेग्नेंट है। छात्रा से सवाल पूछने पर उसने शिक्षक की सारी पोल खोल दी। 

पीड़ित छात्रा ने बताया कि आरोपी शिक्षक उसे रोककर स्कूल के एक कमरे में ले जाता था और उससे कमरे की साफ-सफाई करने के लिए कहता था। कार्य पूरा होने के बाद उसे खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुराचार करता था।

छात्रा ने बताया कि वो उसे धमकी देता था कि अगर वह इस बारे में अपने माता-पिता या अन्य किसी व्यक्ति को बतायेगी तो वह उसे जान से मार देगा और उसके माता-पिता को भी मार देगा। छात्रा ने बताया कि आरोपी कभी स्कूल में तो कभी स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित एक कमरे में उसके साथ दुराचार करता था।

इस मामले में कैम्पटी थाना प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि मामला गंभीर है जिसे देखते हुये छात्रा के परिजनों की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धाराओं और पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिये कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्कूल जाकर भी अन्य छात्रों से पूछताछ की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि शिक्षक कहीं दूसरी छात्राओं के साथ तो ऐसी हरकत नहीं करता था।

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