*जनपद श्रावस्ती**गरीबों के लिए वरदान है ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’-डी0एम0*
*रिपोर्ट-:हरीश  कुमार यादव  श्रावस्ती*
*दिनांक 26. 10. 2017*
प्रदेश सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की गई ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’ गरीब पुत्रियों की की शादी हेतु वरदान साबित होगी, क्योकिं ऐसे गरीब व्यक्ति चाहे किसी भी जाति धर्म के हों जो अपनी गरीबी एवं धनाभाव के कारण अपनी बेटियों का समय से हाथ पीला नही कर पाते थे ओर परेशान रहते थे। इसी के मद्देनजर सरकार ने अब उक्त योजना की शुरूआत कर गरीब पात्र व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी करवाने का फैसला सरकार ने लिया है जिस पर होने वाला खर्च भी सरकार स्वयं वहन करेगी।

उक्त जानकारी देते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया है कि प्रदेश सरकार ने ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’ महत्वपूर्ण योजना के तहत विवाह करने वाले हर जोड़े पर 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’ के तहत पात्रता के चयन के लिए जिला स्तर पर समिति का गठन होगा जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य, नगर आयुक्त/अपर मुख्य अधिकारी(जि0प0), अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सदस्य, उपजिलाधिकारी सदस्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी सदस्य, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सदस्य होगें। जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के लाभ लेने हेतु आए आवेदन पत्रों पर समिति द्वारा पात्रता का चयन करके वास्तविक में पात्र पाये गए आवेदन कर्ता को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत पुर्नविवाह हेतु विधवा और परित्यक्तता/तलाकशुदा महिलाओं को भी इस योजना का लाभ दिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि विवाह हेतु किये गए आवेदन में पुत्री की शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो, आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होगें। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछडा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होने बताया कि विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत जोड़े पर खर्च 35 हजार रुपये का होगा। सामूहिक विवाह में न्यूनतम 10 जोड़े होने चाहिए। यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर निगम, नगर पंचायत, नगर पालिका, जिला पंचायत जैसी अनेक संस्थाएं होंगी। उन्होने बताया कि योजना के तहत जोड़ों को मुख्यमंत्री की ओर से कई तोहफे और गृहस्थी का साजो-सामान दिया जाएगा। इनमें कपड़े, बिछिया, पायल, अलग-अलग तरह के बर्तन शामिल हैं. उन्होंने बताया कि कुछ धनराशि भी दी जाएगी। कुल खर्च 35 हजार रुपये का होगा। लाभार्थियों के खाते में 20 हजार रुपये सीधे दिये जायेंगे। कुल मिलाकर पूरा व्यय 35 हजार रुपये होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमण ने बताया कि इस योजना के संचालन से निश्चित ही गरीब व्यक्तियों को लाभ मिलेगा और समय से उनकी पुत्रियों के हाथ भी पीले होगें। इस योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी हेतु कलेक्ट्रेट स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में कार्य दिवस के दौरान प्राप्त की जा सकती है।

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