राहुल कुमार 
: बिहार सरकार राज्य में बालू का थोक कारोबार करेगी। राज्य में बालू का खनन निजी क्षेत्र करेगा। राज्य सरकार उनसे बालू का संग्रह करेगी। बाद में इसे रिटेल चेन से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। खनिज निगम ने भी खनन बंदोबस्तधारियों से बालू खरीद की दरें तय कर दी हैं।

इसके तहत उजले और लाल बालू की अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी। राज्य सरकार के स्तर से बालू का कारोबार करने की पुष्टि सोमवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी की। शाम को यहां बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बालू और पत्थर खनन का काम निजी क्षेत्र के बंदोबस्तधारी ही करेंगे। लेकिन अगले 1 दिसंबर से सरकार उनसे थोक में बालू खरीद कर इसका व्यवसाय करेगी। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां इससे लोगों को बालू सस्ता मिलेगा, वहीं, काली कमाई पर भी अंकुश लगेगी।


16 जिलों में खनिज निगम ने बालू खरीद की दर तय कर दी है। लाल बालू की खरीद 900 रुपये/100 घनफुट व सफेद बालू की 500 रुपये/सौ घनफुट की दर से होगी’ नवादा, लखीसराय, बांका, मधुबनी, नालंदा, गया, औरंगाबाद, कैमूर, मुंगेर, वैशाली, जमुई, मोतिहारी, अरवल, मधेपुरा, जहानाबाद व भागलपुर के बंदोबस्तधारियों को नई खरीद दर की सूचना भेज दी गई है’ इस दर के आलावा बंदोबस्तधारियों को जीएसटी भी देना होगा, जबकि बालू उत्खनन खर्च, हैंडलिंग खर्च, लदाई खर्च, रॉयल्टी आदि अन्य देय शुल्क इसी दर में शामिल किए गए हैं। 

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