सकरा से विकाश मिश्रा :

मुजफ्फरपुर के सकरा रेफरल अस्पताल में दस दिन बाद भी एंबुलेंस सेवा बहाल नहीं हो सकी। पैसे की कमी के कारण एंबुलेंस बनने के लिए दस दिनों से सबहा स्थित एक गैरज में खड़ी है। एंबुलेंस सेवा बंद होने से गरीब मरीजों व गर्भवतियों को अस्पताल तक लाने में परिजनों को परेशानी हो रही है।हाल मे गुजरात और यूपी के गोरखपुर मे प्रशासनिक लापरवाही से होने वाले भयानक त्रासदी से भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कुछ सिखा नही है देश मे सबसे बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिये बदनाम बिहार मे हालत सुधार की दूर दूर तक कोई उम्मीद नही दिख रही  बड़ी आबादी वाले इस अस्पताल के मरीजों को निजी गाड़ी से प्रसूता और मरीजों को लाने में गाड़ी मालिक व चालक के आर्थिक दोहन के शिकार बन रहे हैं। 19 अक्टूबर की रात में एंबुलेंस में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण परिचालन बंद कर दिया गया। तब से उसके चालक व स्वास्थ्यकर्मी सकरा रेफरल अस्पताल में बैठकर एंबुलेंस दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सीएस के आदेशानुसार मुरौल अस्पताल के एंबुलेंस से विशेष परिस्थिति में ही सकरा के मरीजों को एंबुलेंस सेवा मिलेगी। सकरा रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मो. इरशाद आलम ने बताया कि एंबुलेंस खराब होने से मरीजों को नि: शुल्क एंबुलेंस सेवा बंद होने की सूचना सीएस को दी गई है। सीएस के मौखिक आदेश पर विशेष परिस्थिति में मुरौल अस्पताल के एंबुलेंस सेवा हासिल करने का निर्देश दिया गया है। जबसे नये एनजीओ के हाथों में एंबुलेंस सेवा सौंपी गई है तब से समस्या आ रही है।

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