सिंघिया हाइस्कूल के प्रांगण में सिंघिया नगर पंचायत संघर्ष समिति की बैठक हुई। उक्त बैठक में संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नगरवासी उपस्थित थे।इस बैठक में कुछेक विकासविरोधी असामाजिक तत्वों द्वारा सिंघिया को नगर पंचायत बनाने के बिहार सरकार के निर्णय के विरोध में आमजनों को बरगलाकर चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान की एकस्वर में निंदा की गई। उपस्थित सभी लोगों ने ऐसे कुत्सित एवम विकासविरोधी प्रयास की कड़ी निंदा की एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नगरवासियों ने ऐसे तत्वों का पुरजोर बहिष्कार करने का निर्णय लिया। बैठक में नगर पंचायत बनने के बाद बड़े पैमाने पर मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की गई।बिहार कैबिनेट ने 3 अक्टूबर 2017 को अपनी बैठक में सिंघिया को नगर पंचायत बनाने से सम्बंधित प्रस्ताव को अनुमोदित कर इस संघर्ष को मूर्त रूप प्रदान किया। साथ ही दिनांक 10 अक्टूबर 2017 को राजपत्र अधिनियम के माध्यम से इसे अंतिम रूप दिया गया। इस राजपत्र अधिनियम के प्रकाशित होने के तुरंत बाद स्थानीय कुछ विकासविरोधी तत्व इसके विरोध में सक्रिय हो गए हैं एवम् स्थानीय आमजनों को बरगलाकर इस निर्णय के विरोध में कथित रूप से हस्ताक्षर अभियान करवा रहे हैं,जो अत्यंत हास्यास्पद एवम् घृणा का विषय है। इस अभियान में वही लोग सक्रिय हैं जो अपने गाँव को विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए नहीं देखना चाहते हैं एवम् ऐसे मुट्ठीभर सफेदपोश अपने व्यक्तिगत स्वार्थ तथा लाभ की खातिर सर्वजन के हितों की बली देने से बाज़ नहीं आ रहे हैं एवम् इस रूप में सिंघिया नगरवासियों के स्वाभिमान एवम् लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करने का घृणित कार्य कर रहे हैं जो इस नगर के प्रबुद्धजनों,छात्रों एवम् युवाओं के लिए गम्भीर सोच का विषय है। अतः, तमाम ग्रामवासियों से अनुरोध है कि ऐसा प्रयास कर रहे स्वार्थी , व्यभिचारी एवम् विकासविरोधी तत्वों के किसी भी कुत्सित प्रयास का पुरजोर विरोध करने का काम करें ताकि ऐसे नवसामंत, सफेदपोश एवम् समाज के विकासविरोधी लोगों का असली चेहरा उजागर हो सके।

Post A Comment: