मतदाता की पहचान के लिए आयोग ने सुझाये 16 विकल्प शुभम शंकर मिश्रा ,बहराइच:
निर्वाचन आयोग द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार आयोजित होने वाले नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 मतदान के दिन मतदान में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, परन्तु ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निर्धारित किये गये 16 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज़ों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। 
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अजय दीप सिंह ने बताया कि वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज़ों के रूप में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी), आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गये फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र,  बैंकों/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त सम्पत्ति सम्बन्धी मूल अभिलेख यथा-पट्टा विलेख, रजिस्ट्रीकृत डीड आदि, फोटोयुक्त पेंशन अभिलेख यथा-भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक, पेंशन भुगतान आदेश, वृद्धावस्था पेंशन आदि, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस, शारीरिक रूप से अशक्त होने का प्रमाण-पत्र, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर), सांसदों, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान-पत्र व राशन कार्ड प्रस्तुत किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सुझाये गये विकल्पों में से कोई दस्तावेज जो परिवार के मुखिया के पास उपलब्ध होते हैं, वे उक्त परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान के लिए भी वैध माने जायेंगे बशर्ते कि सभी सदस्य एक साथ आते हैं और उन सदस्यों की पहचान परिवार के मुखिया द्वारा की जाती है।

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