बिहार डेक्स पी न्यूज़ राजेश कुमार
:-  वर्तमान चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 का द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी 9598 करोड़ 95 लाख का होगा।सरकारी योजना और गैर सरकारी योजना मद में इस राशि को खर्च करने से पहले विधानमंडल से मंजूरी लेने के लिए राज्य सरकार की ओर से बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के सामने इसे सोमवार को पेश किया गया। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तो विधान परिषद में प्रभारी मंत्री मंगल पांडेय ने इसे पेश किया।कुल राशि में वार्षिक स्कीम यानी योजना मद 4013.68 करोड़ का है। इसमें 2600 करोड़ सर्वशिक्षा अभियान के राज्यांश मद में वेतन भुगतान के लिए प्रावधान किया गया है। 300 करोड़ स्मार्ट सिटी मिशन में परिसंपत्ति निर्माण, 130 करोड़ बाढ़ नियंत्रण कार्य परियोजना, 115 करोड़ आईजीआईएमएस में मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज निर्माण पर खर्च होना है। 96.23 करोड़ सीएम अनुसूचित जाति-जनजाति मेधावृत्ति योजना, 94.95 करोड़ आर्यभट्ट ज्ञान विवि, 55.38 करोड़ सीएम बालिका पोशाक योजना, 55 करोड़ चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, 49 करोड़ 77 लाख सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मैटेरियल योजना पर खर्च होना है। जबकि 48 करोड़ बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम, 40 करोड़ आवासीय भवन बनाने, 40 करोड़ सीएम छात्रवृत्ति योजना, 40 करोड़ प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान, 29 करोड़ अंचल स्तर पर डाटा केंद्र बनाने, 26 करोड़ 71 लाख उद्यान विकास योजना पर खर्च होगा।
इसी तरह 22 करोड़ पीडीएस, 21 करोड़ सबके लिए आवास मिशन योजना, 21 करोड़ पशुधन स्वास्थ्य, 21 करोड़ राजकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य और 18 करोड़ बिहार कौशल विकास प्रशिक्षण पर खर्च होगा। 15 करोड़ राष्ट्रीय विधि महाविद्यालय, 14 करोड़ कृषि विकास, 14.58 करोड फसल कृषि फर्म, 12 करोड़ राष्ट्रीय कृषि विस्तार, 12 करोड़ राजकीय औषधालय का भवन निर्माण, 11 करोड़ कृषि नवीनता, 10 करोड़ सीएम बालिका साइकिल योजना और 10 करोड़ सीएम भिक्षावृत्ति निवारण योजना पर खर्च होगा।वहीं स्थापना मद में 1243 करोड़ प्राकृतिक विपदा में खाद्यान्न की आपूर्ति, 1091 करोड़ बाढ़ के नि:सहायों व विकलांगों को नकद अनुदान, 914 करोड़ क्षतिग्रस्त फसल अनुदान, 600 करोड़ क्षतिग्रस्त सड़क-पुल बनाने में खर्च होगा। 367 करोड़ पंचायती राज संस्थाओं को सहायक अनुदान, 300 करोड़ सिंचाई प्रणाली की मरम्मत मद में खर्च होगा। 204 करोड़ आपदा राहत कोष, 132 करोड़ वेतन मद, 114 करोड़ माध्यमिक शिक्षकों को अनुदान वेतन, 114करोड़ शहरी स्थानीय निकाय और 100 करोड़ बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम की निगरानी में खर्च होगा। वहीं 69 करोड़ बाढ़ में जनसंख्या निष्क्रमण, 52करोड़ प्रकाश उत्सव के समापन, 50 करोड़ ग्राम कचहरी, 29 करोड़ शोधन निधि में अंशदान, 22 करोड़ बाढ़से संतप्त परिवारों को अनुग्रह अनुदान, 21 करोड़ आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, 20 करोड़ खान विकास निगम में निवेश और 10 करोड़ गैर सरकारी मदरसों पर खर्च होगा। केंद्रीय क्षेत्र स्कीम में प्रस्तावित 10 करोड़ 34 लाख में से छह करोड़ 63 लाख टूरिज्म सर्किट तो 3.50 करोड़ वैधानिक माप विद्या के सुदृढ़ीकरण पर खर्च होगा।
9598.95 करोड़ है प्रस्तावित राशि
4013.68 करोड़ वार्षिक स्कीम में
5574.93 करोड़ स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय।
10.34 करोड़ केंद्रीय प्रक्षेत्र स्कीम मद में।

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