कृष्ण कुमार संजय ,चीफ एडिटर -
समस्तीपुर जिले के 46वां स्थापना दिवस समारोह के दौरान मंच से दहेज प्रथा व बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की अपील की गयी। बिहार सरकार के सात निश्चय योजनाओं के अलावे बाल विवाह एवं दहेज प्रथा अभियान को सफल बनाने के लिये हर लोगों से सहयोग मांगा गया। ताकि सरकार की महत्वूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। वहीं कहा गया कि बेटियों को भी बेटों जैसा दर्जा देने पर ही दहेज प्रथा बंद होगा।मौके पर सूबे की समाज कल्याण सह जिला प्रभारी मंत्री मंजू वर्मा ने कहा कि जब घर में बेटियों को बेटों जैसा दर्जा मिलेगा, तो स्वत: दहेज प्रथा बंद हो जायेगी। बेटियों को दसवी की परीक्षा पास कराकर पिता उसकी शादी के लिये पैसे के बल पर योग्य वर की तलाश करते हैं। अगर हम अपनी बेटियों को भी बेटा की तरह उच्च शिक्षा प्राप्त करा दें, तो लड़का वाले बिना दहेज के शादी के लिये आपके घर पहुंचेंगे। इस दौरान मंत्रियों ने लोगों को दहेज लेने वाले शादी में शामिल ना होने एवं दहेज ना देने व ना लेने का संकल्प भी दिलाया।ताकि समाज पूरी तरह सेदहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिल सकती हैं।इच्छाशक्ति से ही होगा शौचालय का निर्माण : समारोह की अध्यक्षता करते हुये डीएम प्रणव कुमार ने कहा कि सात निश्चय योजना ग्रामीण को सशक्त व विकसित बनाने की प्रमुख योजना है। इसी के तहत हर घर शौचालय निर्माण योजना भी शामिल है। इसके लिये लोगों में इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। बिना इच्छाशक्ति के शौचालय निर्माण संभव नहीं है। जिले के तीस पंचायतों को खुले में शौच मुक्त पंचायत घोषित कर दिया गया है। जबकि सौ पंचायतों में हर घर नल जल योजना पर कार्य चल रहा है। इन सभी कार्यो को अंतिम रूप देने के लिये सब्जी लोगों को सहयोग की जरुरत है। इसके लिये हम सभी को विकसित समस्तीपुर बनाने के लिये संकल्प लेने की जरुरत है। ताकि बिहार में समस्तीपुर को नंबर एक बनाया जा सकें। जिप अध्यक्ष प्रेम लता एवं एमएलसी हरिनारायण चौधरी ने भी जिले की विकास के लिये लोगों को एककजुट होकर कदम से कदम मिला कर चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

Post A Comment: