चीफ एडिटर कृष्ण कुमार संजय की रिपोर्ट :
 पटना में गिरा एक साथ 70 थानेदारों पर डीआईजी का गाज।जिससे पूरे पटना के पुलिस में मची हड़कंप।डीआईजी सेंट्रल रेंज राजेश कुमार ने पटना के 70 थानेदारों के वेतन पर रोक लगा दी है। गुरुवार को एकाएक हुई इस कार्रवाई के बाद पटना पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिर्फ फुलवारीशरीफ, गौरीचक और कदमकुआं के थानेदारों पर कार्रवाई नहीं की गयी है। डीआईजी की चिट्ठी में जो कुछ लिखा है, उससे साफ है कि राजधानी के थानेदार पिछले एक हफ्ते से कोई काम नहीं कर रहे थे सभी को इस लापरवाही की मिली सजा। जब उनके कार्यकलाप का खाका निकाला गया तो पता चला कि सभी थानेदार आराम फरमाने में जुटे थे। थानेदारों के अलावा सात डीएसपी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। आरोप है कि जब थानेदार कार्रवाई नहीं कर रहे थे तो डीएसपी कहां थे? अगर सभी डीएसपी ने समय रहते जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए ऊपर के अफसरों को लिखा जाएगा।23 से 28 नवंबर तक सुस्त रहे थानेदार : अपनी चिट्ठी में डीआईजी सेंट्रल रेंज ने लिखा है कि 23 नवंबर से लेकर 28 नवंबर यानी एक सप्ताह पीआईआर/एसडीसी पटना के माध्यम से थानेदारों की कार्यशैली की रिपोर्ट ली गयी। पता चला कि कदमकुआं, फुलवारीशरीफ और गौरीचक को छोड़कर पटना के किसी थानेदार ने हत्या, लूट, डकैती और अन्य संगीन मामलों में हुई गिरफ्तारी की रिपोर्ट नहीं दी है। यानी इन मामलों के आरोपितों को पुलिस नहीं पकड़ सकी।हर हाल में थानेदारों को काम करना होगा। पिछले एक सप्ताह में थानेदारों ने कोई गिरफ्तारी नहीं की। एक हफ्ते के भीतर अगर सभी थानेदारों ने बड़ी गिरफ्तारियां नहीं की तो कार्रवाई तय है। बेहतर करने वालों को निश्चित तौर से रिवार्ड दिया जाएगा।

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