बिहार ब्यूरो :- है। मंगलवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उप मुख्यमंत्री बनने के एक दिन पहले तेजस्वी ने एबी एक्सपोर्टस के निदेशक पद से इस्तीफा दिया, लेकिन फरवरी 2016 में दो चेक काटे। इसके पहले कीमती गाड़ी भी ली।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर अधिकारियों से पूछताछ में तेजस्वी ने बताया कि सोने व डायमंड की जिन पांच कंपनियों ने उनकी कंपनी को एक-एक करोड़ ब्याज मुक्त कर्ज दिया था, उनके बारे में वे नहीं जानते। लेकिन उन कंपनियों के नाम से तेजस्वी ने चेक काटा था। अमित कत्याल की कंपनी ट्राएंगल ट्रेडिंग लिमिटेड ने 2010 में तेजस्वी को 9.5 लाख की गाड़ी उपलब्ध कराई। कत्याल के साथ मीसा-शैलेस 2006 से 2009 तक एक कंपनी में निदेशक थे। सूद की कौन कहे, तेजस्वी को 30.26 लाख और तेजप्रताप यादव को 55.21 लाख मूलधन भी कत्याल ने कर्ज माफ किए। सवाल किया कि आखिर किस आधार पर इन दोनों के कर्ज माफ किए गए। कत्याल की कंपनी ने मीसा को दो लाख 70 हजार ब्रोकरेज (दलाली) के तहत पैसा दिया, जिसकी बुक इंट्री है।नोटबंदी का विरोध कर रहे राजद व कांग्रेस पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कारनामों से पता चलता है कि कौन लोग कालाधन के प्रेमी व समर्थक हैं और कौन विरोधी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से कालाधन पर किए गए प्रहार से सभी बौखला गए हैं। नोटबंदी बिहार ही नहीं, देश के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। कालाधन के मसले पर आजादी के बाद यह सबसे बड़ा प्रहार साबित हुआ है। भाजपा ने आठ नवम्बर को कालाधन विरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसका विरोध करने वाले राजद-कांग्रेस को बताना चाहिए कि नोटबंदी कर क्या गलत हुआ है। मौके पर विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव भी मौजूद थे।

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