किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारण हेतु जिला प्रशासन कटिबद्ध- डी.एम.। 
जिलाधिकारी तथा सी.डी.ओ. द्वारा प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन। 
अरुण कुमार साहू की रिपोर्ट :सुलतानपुर 
 जिलाधिकारी हरेन्द्र वीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारण हेतु कटिबद्ध है। उन्होंने नलकूप , विद्युत, सिचाई, कृषि, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि किसानों की समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुये त्वरित निस्तारण किया जाय। जिलाधिकारी आज पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार मंे आयोजित जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी/किसान मेले का शुभारम्भ किया। 
प्रारम्भ मंे जिलाधिकारी हरेन्द्र वीर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी रामयज्ञ मिश्र ने फीताकाटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा कृषि, उद्यान, भूमि संरक्षण, मत्स्य पालन, वन, कृषिरक्षा , गन्ना आदि विभागों के प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया तथा योजनाओं के बारे मंे जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने द्वीपप्रज्जवलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्र्यापण कर जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी का शुभारम्भ किया। 
गोष्ठी के प्रारम्भ मंे जिलाधिकारी ने किसान भाईयों से उनकी समस्याओं के बारे मंे जानकारी ली। जिलाधिकारी के निर्देश पर सम्बन्धित अधिकारियों विद्युत, नलकूप, पशुपालन, खाद्य विपणन आदि विभागों के अधिकारियों ने किसानों द्वारा उठायी गयी समस्याओं का निराकरण किया एवं विभागीय योजनाओं के बारे मंे जानकारी दी। 
जिलाधिकारी ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये कहा कि वर्तमान शासन द्वारा धान खरीद पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिले मंे 41 धान क्रय केन्द्र क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर खोले गये हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीद केन्द्रों पर मानक के अनुसार धान खरीद की जायेगी। उन्होंने बताया कि राईसमिलर्स से अनुबन्ध हो चुका है। उन्होंने बताया कि पावर बिनोईंग फैन सभी केन्द्रों पर यथाशीद्य्र उपलब्ध कराने हेतु प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना मंे इस वर्ष उक्त अवधि मंे लगभग 51 मी.टन धान की खरीद अधिक हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी के लिये प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान भाई कृषि से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 
इस अवसर पर जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा लपेटा पाइप तथा मत्स्य पालन का किट प्रदान किया। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामयज्ञ मिश्र ने किसानों का आवाहन् किया कि वे कृषि की आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करें। उन्होंने मृदा परीक्षण कराने तथा जैविक उर्वरक के प्रयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि वे कृषि के साथ बागवानी,  पशुपालन व मत्स्य पालन को अपनायें, जिससे उनकी आमदनी मंे वृद्धि हो सके। 
प्रारम्भ मंे उपनिदेशक कृषि शैलेन्द्र शाही ने सभी का स्वागत करते हुये बताया कि वर्ष 2017-18 मंे रबी हेतु आच्छादन का लक्ष्य  1.235 लाख हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है, जिसमंे गेहूं/जौ की खेती हेतु 1.024 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल है। उन्होंने बताया कि रबी कि मुख्य फसलें गेहूं , जौ, चना , मटर , मसूर, तोरिया, राई सरसो आदि है। उन्होंने बीज व उर्वरक की उपलब्धता, किसान क्रेडिट कार्ड, फसली ऋण आदि के बारे मंे जानकारी दी। 
रबी गोष्ठी मंे मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डाॅ. अजीत सिंह, डिप्टी आर.एम.ओ. कमलेश कुमार सिंह, अधिशाषी अभियन्ता नलकूप अशोक कुमार तथा विद्युत, उद्यान, सहकारिता, मत्स्य पालन, कृषिरक्षा आदि विभागों के अधिकारियों तथा कृषि वैज्ञानिकों ने गोष्ठी को सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी विनय कुमार वर्मा, जिला सूचना अधिकारी आर.बी.सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मीना देवी, समाजसेवी सत्यनाथ पाठक व प्रगतिशील किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला कृषि रक्षा अधिकारी अरूण कुमार त्रिपाठी ने किया। 

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