प्रदूषण का कहर : हालात हुए बेकाबू, सांस के मरीजों से भरे हॉस्पिटल
अमित कुमार यादव ,दिल्ली :
प्रदूषण सांस के रोगियों के लिए आफत साबित हो रहा है। शहर के कई अस्पतालों में ओपीडी के बाद अब आईसीयू में भी सांस की बीमारियों से पीड़ित रोगियों की भीड़ लग रही है। डॉक्टरों के मुताबिक दमा के अटैक और ब्रांकाइटिस पीड़ित मरीजों की हालत इतनी गंभीर हो रही है कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कर
ना पड़ रहा है।
जेपी अस्पताल के श्वसन रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्र अग्रवाल ने बताया कि बीते तीन दिनों में सांस के रोगियों का बुरा हाल है। वयस्कों के आईसीयू में 34 बेड हैं, जो कि सभी फुल हैं। इनमें 70 फीसदी रोगी सांस की बीमारी में गंभीर हालत के कारण भर्ती किए गए हैं। इनमें दमा, निमोनिया और ब्रांकाइटिस के रोगी अधिक हैं। दो रोगी ऐसे भर्ती किए गए हैं, जिनके फेफड़ों में लगातार खांसी की वजह से अल्सर हो गया था और मुंह से खून निकलने लगा था। दोनों को आईसीयू में भर्ती किया गया।
मेट्रो अस्पताल के श्वसन रोग विभाग के निदेशक डॉ.दीपक तलवार ने बताया कि ओपीडी में सांस के रोगियों के अलावा इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। आईसीयू में सबसे ज्यादा रोगी दमा के अचानक अटैक में गंभीर हालत और ब्रांकाइटिस के चलते भर्ती किए जा रहे हैं। फोर्टिस अस्पताल का आईसीयू भी सांस के मरीजों से फुल है।

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