देशी गायों का संवर्धन एवं सरक्षण करें पशुपालक
  
शुभम मिश्रा बहरैच :
 
 गोपाष्टमी पखवारा अन्तर्गत विकास खण्ड चित्तौरा के ग्राम पंचायत डीहा में आयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु अरोग्य मेला/शिविर का आयोजन किया गया। पूर्व प्रमुख भगौती प्रसाद कैराती ने गौ-पूजन कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु अरोग्य मेला/शिविर का शुभारम्भ किया। पशु अरोग्य शिविर में 27 बड़े पशुओं, 35 छोटे पशुआंे का इलाज, 385 अरोग्य पशुओं को खुरपका मुंहपका का टीका, 12 पशुओं का बाझपन चिकित्सा, 02 पशुओं की लघु शल्य चिकित्सा तथा 07 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है। अरोग्य शिविर में विषय वस्तु विशेषज्ञ द्वारा खान-पान टीकाकरण, इन्श्योरेन्स के बारे में जानकारी दी गयी। 
अरोग्य शिविर को सम्बोधित करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बलवन्त सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार देशी गायों के संवर्द्धन एवं संरक्षण के प्रति दृढ़संकल्पित है। देशी गायों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रति लोगों में जागरूकता लाये जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रत्येक तहसील में पशु अरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि देशी गाय के दूध में विटामीन ए की मात्रा अधिक होती है जिससे गाय का दूध हल्का पीला होता है। गाय का दूध बच्चों के विकास के लिए बहुत ही आवश्यक है।
डा. सिंह ने बताया कि विभाग के कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों पर शाहीवाल, थारपारकर एवं हरियाणा प्रजाति के साड़ों का वीर्य उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आवश्यकता पड़ने पर गायों का शाहीवाल, थारपारकर एवं हरियाणा प्रजाति के साड़ों के वीर्य से ही कृत्रिम गर्भाधान करायें। जिससे कि देशी गायें, जो अच्छा दूध देती हंै उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी हो। उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र की जलवायु बरबरी बकरी पालन के लिए काफी अनुकूल है, किसान बकरीपालन के द्वारा भी अपनी आय में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।
सीवीओ डा. सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा खुरपका-मुहँपका टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें एफ.एम.डी. के टीके लगाये जा रहे हंै। उन्होंने बताया कि सभी पशु चिकित्सालयांे में रैवीज की वैक्सीन उपलब्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी पशु को पागल कुŸाा काट ले तो उसे तत्काल पशु चिकित्सालय ले जाकर निःशुल्क टीका अवश्य लगवायंे।  
इस मौके पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर डा. शिव कुमार रावत, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य डा. आदेश चन्द्रा व डा. विश्वनाथ प्रताप सहित काफी संख्या में पशुपालक व ग्रामवासी मौजूद रहे। 

Post A Comment: