थानेदार ने मांगा कंपलसरी रिटायरमेंट, मिला तबादला.. हाइकोर्ट ने दिया स्टे

साकेत जैन

सिवनी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाहे जाने के बावजूद एसपी सिवनी द्वारा उनका तबादला किए जाने को आड़े हाथों लिया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाहे जाने के बावजूद एसपी सिवनी द्वारा तबादला किए जाने को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ  स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य शासन गृह सचिव, डीजीपी व एसपी सिवनी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया गया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। अदालत ने धुर्वे की याचिका पर एक माह में फैसले के निर्देश मप्र शासन को दिए हैं।

गुरुवार को न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता घंसौर सिवनी में पदस्थ पुलिस इंस्पेक्टर मंगलसिंह धुर्वे की ओर से अधिवक्ता सीएम तिवारी, प्रवीण मिश्रा व शशिकांत बाजपेई ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 28 मई 2017 को याचिकाकर्ता रक्षित केन्द्र सिवनी से ट्रांसफर होकर घंसौर आया था। उसे 6 माह भी नहीं हुए। इस बीच व्यक्तिगत कारणों से उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन कर दिया। 24 अक्टूबर 2017 को दिए गए आवेदन को निर्णीत किए बगैर 1 नवंबर 2017 को थाना घंसौर से कंट्रोल रूम सिवनी ट्रांसफर कर दिया गया। इस ट्रांसफर के खिलाफ एडीजीपी के समक्ष शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा, हाईकोर्ट की शरण ली गई। याचिकाकर्ता का आरोप यही है कि एसपी सिवनी ने दुर्भावनावश परेशान किया है

Post A Comment: