काव्य रचना ‘‘बोलती गज़ले’’ व ’’एहसास की लौ’’ पुस्तकों का विमोचन

विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम 

पयागपुर से अजित यादव की रिपोर्ट :

बहराइच
। विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अजय दीप सिंह ने जनपद के दो साहित्यकारों राम करण मिश्र सैलानी की काव्य संग्रह ‘‘बोलती गज़ले’’ तथा खान खब्बाब अहमद की काव्य संग्रह ‘‘एहसास की लौ’’ का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पूर्व प्रधानाचार्य के.वी. इन्टर कालेज पयागपुर दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने की। 

विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देवनागरी लिपि में प्रकाशित काव्य संग्रह ‘‘बोलती गज़ले’’ तथा उर्दू में प्रकाशित काव्य संग्रह ‘‘एहसास की लौ’’ का एक मंच से विमोचन करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग ज़बानों में लिखी पुस्तकों का विमोचन एक साथ होना जनपद के सौहार्द की जीती जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि जनपद बहराइच साहित्य के क्षेत्र में सदैव से अपनी अलग पहचान रखता है। भविष्य में झांकने पर हमें कई नामचीन शायर और कवियों के दर्शन होते हैं जिन्होंने अपनी लेखनी, खास तर्जे सुखन के सहारे सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि उन देशों में भी जहाॅ हिन्दी और उर्दू को समझने वाले हैं, ज़िले का नाम रौशन किया है। 

उन्होंने कहा कि विश्व के कई धार्मिक ग्रन्थ काव्य के रूप में मौजूद है। जिससे यह बात साबित होती है भगवान भी अपनी बात लोगों तक पहुॅचाने के लिए कवियों एवं शायरों का सहारा लेता है। जिलाधिकारी श्री सिंह ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में कवियों एवं शायरों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है। देश के जोशिले कवियों एवं शायरों की रचनाओं ने अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को प्रेरित किया। लेकिन देश की आज़ादी के बाद भी साहित्यकार खामोश नहीं है। आज भी वे देश की हर ज्वलंत समस्या पर कलम उठाकर देश की सभी जिम्मेदारान को आईना दिखाते रहते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि काव्य रचना करना कोई आसान कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हर पढ़ा लिखा व्यक्ति कवि या शायर हो लेकिन कवि और शायर शिक्षित अवश्य होता है। उन्होंने स्वयं अपनी मिसाल देते हुए कहा कि मैं कवि या शायर नहीं हूॅ। लेकिन इनका कद्रदान अवश्य हूॅं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में साहित्यिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में वे अपने सरकारी आवास पर ऐसा कार्यक्रम आयोजित करायेंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि निकट भविष्य में जनपद के साहित्यकारों की डायरेक्ट्री तैयार की जाय ताकि सभी का संक्षिप्त विवरण एक जा जमा हो सके। इसके लिए साहित्यकारों की एक कमेटी गठित की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि यह कार्यक्रम इन बातों में विशेष था कि यहाॅ कुछ लोगों को छोड़कर श्रोता और वक्ता स्वयं कवि और शायर रहे। 

विमोचन कार्यक्रम में जनपद के नामवर कवियों एवं शायरों राधा कृष्ण पथिक, दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, अयोध्या प्रसाद नवीन, अनिल वर्मा, शिव कुमार सिंह रैकवार, दिवाकर मिश्रा, गोपाल तिवारी गौरव, अतहर रहमानी, देशराज सिंह मधुसूदन, लक्ष्माकान्त त्रिपाठी मृदृल, माहिर अली माहिर, गोपाल शुक्ला, गुलाब चन्द्र जायसवाल, खान खब्बाब अहमद अमान, रामकरण सैलानी, डा. अशोक गुलशन, डा. मुबारक अली, आशुतोष श्रीवास्तव, गुलाम अली शाह, अतुल चन्द्र अवस्थी, आदित्यभान सिंह ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत की जबकि डा. मोहम्म्द आलम सरहदी, रामजी बाजपेई, मधुसूदन शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता राम छबीले शुक्ला, प्रवक्ता किसान पीजी कालेज डा. मेराजुद्दीन, चन्द्रशेखर सिंह आज़ाद, योगेन्द्र मणि, श्रवण कुमार द्विवेदी आदि वक्ताओं ने विमोचित पुस्तकों पर मकाला पेश किया। 

कार्यक्रम के अन्त में वरिष्ठ कवि पूर्व प्रधानाचार्य के.वी. इन्टर कालेज पयागपुर दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से जनपद के साहित्यकारों को ऊर्जा प्राप्त होगी। जिले के साहित्यकारों के लिए डायरेक्ट्री प्रकाशित कराये जाने की घोषणा करने श्री त्रिपाठी ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित कोे धन्यवाद ज्ञापित किया।

इससे पूर्व जिलाधिकारी अजय दीप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित किया तथा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर विमोचन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। जबकि रूचि भटरेचा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर आयोजकों की ओर से जिलाधिकारी को शाल एवं स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन का संचालन सेवानिवृत्त डीओ पीआरडी सुशील कुमार मिश्रा व शायर रईस सिद्दीकी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर केडीसी के प्राचार्य मेजर डा. एसपी सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए अभिमन्यु सिंह सहित अन्य साहित्यकार, कवि एवं शायर, प्रबुद्धजन व मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। 

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