शुभम शानकर मिश्र

एमआईएस फीडिंग में फर्ज़ीवाड़े की शिकायत की पुष्टि होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध होगी कठोर कार्यवाही 
बीडीओ तेजवापुर को सम्बद्ध करने का दिया निर्देश

 स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत गठित जिला स्वच्छता समिति की बैठक से अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी अजय दीप सिंह ने खण्ड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत शिवपुर का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया है। इसी प्रकार बैठक से अनुपस्थित रहने तथा कार्य में शिथिलता बरतने का कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि बीडीओ तेजवापुर को सम्बद्ध कर दिया जाय। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर फर्ज़ी एमआईएस फीडिंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि एमआईएस फीडिंग में फर्ज़ीवाड़े की शिकायत की पुष्टि होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। 
मंगलवार की देर शाम विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दीवारंे खड़ी कर लेने के बाद ही खातों में पैसा हस्तान्तरित किया जाय। पूर्ण हो गये शौचालयों की रंगाई पुताई का कार्य भी मानक के अनुसार पूर्ण कराया जाय तथा सभी सम्बन्धित लाभार्थियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित भी किया जाय कि उनका पूरा परिवार शौच के लिए घर में निर्मित शौचालय का उपयोग करे।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अन्तर्गत निर्मित होने वाले शौचालयों के शत-प्रतिशत फोटोग्राफ्स खण्ड प्रेरक के माध्यम से अपलोड कराये जाये। शौचालयों का निर्माण जिस भी योजना के तहत हुआ हो उससे सम्बन्धित पट्टिका भी लगवायी जायें। जिलाधिकारी ने यह भी सुझाव दिया कि किसी भी घर में बनने वाला शौचालयघर वालों के लिए सम्मान की बात होती है। इसलिए शौचालयों को ‘‘इज़्ज़तघर’’ का नाम देकर भी आमजन को प्रेरित किया जा सकता है। 
खण्ड पे्ररक के कार्याें की समीक्षा करने पर ज्ञात हुआ कि फखरपुर की खण्ड प्रेरक निधी सोनी द्वारा सर्वाधिक 318 शौचालयों के फोटो लोड किये गये हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि अच्छा कार्य करने वाले खण्ड प्रेरकों को प्रोत्साहित किया जाय तथा कार्यो में हीलाहवाली व लापरवाही बरतने वाले एडीओ पंचायत, आपरेटर्स तथा खण्ड प्रेरकों के विरूद्ध कार्यवाही करें। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि समस्त सीएलटीएस टीमों तथा खण्ड प्रेरकों को देय मानदेय का भुगतान अविलम्ब किया जाय। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि शौचालयों का निर्माण प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों के माध्यम से ही कराया जाय। 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि माह अक्टूबर 2014 के बाद, जब से शौचालय निर्माण की धनराशि रू. 12,000=00 हो गयी है, तब से किन-किन ग्रामों में कितनी धनराशि भेजी गयी और उसके सापेक्ष कितने शौचालयों का निर्माण हुआ का सम्पूर्ण विवरण 30 नवम्बर तक तैयार कर लिया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि तत्सम्बन्धी सूचना सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत तथा खण्ड प्रेरक के पास भी उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि इस कार्य को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाय। किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। 
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि पूर्व में जनपद में कार्यरत ऐसे खण्ड विकास अधिकारी जिनके द्वारा शौचालय निर्माण के धन का गबन किया गया है, उन सबको जिलाधिकारी की ओर से प्रतिकूल प्रविष्टि भिजवायी जाय। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो चुके सभी सम्मानित ग्रामों की सूची प्रत्येक विकास खण्ड मुख्यालय पर प्रदर्शित की जाय। उन्होंने कहा कि भविष्य में स्वच्छता अभियान के तहत वे ओडीएफ ग्रामों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वहाॅ पर सभी सम्बन्धित टीमें मौजूद रहेंगी।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शौचालय निर्माण के गाॅवों में भेजी गयी धनराशि पर सतर्क दृष्टि रखी जाय और यह सुनिश्चित कराया जाय कि धनराशि का सदुपयोग हो। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि जिन ग्राम प्रधानों द्वारा स्वच्छ शौचालय की धनराशि में घालमेल किया गया है उन्हें नोटिस जारी की जाय। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, जिला विकास अधिकारी ओ.पी. आर्य, डीसी मनरेगा वीरेन्द्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. अमरकान्त सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रकाश सहित खण्ड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत मौजूद रहे। 

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