चीफ एडिटर ,कृष्ण कुमार संजय  की रिपोर्ट :- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि सभी वर्ग के गरीबों को आरक्षण मिलनी  चाहिए। इसके लिए मैंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में योजना भी बनाई थी, लेकिन कुछ लोगों को मेरी लोकप्रियता पसंद नहीं आई और मुझे कुर्सी से ही हटा दिया गया। शिक्षा का समान अधिकार मिले और ऊंचे से लेकर नीचे वर्ग के परिवारों के लिए एक सामान शिक्षा देने का प्रावधान हो तब जाकर ही बिहार में विकास की धारा बहेगी और खुशहाली देखने को मिलेगी।ये बातें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माझी ने कहा ।वे सोमवार को महुआ के कन्हौली गढ़वाल टोले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के संयोजक जीतन राम मांझी ने कहा कि गरीबों के पास विकास की किरण नहीं पहुंच रही है।आज आजादी के 70 वर्षों बाद भी गांवों की गरीब बस्तियों के लोग फटेहाल हैं। उन्होंने शिक्षा सुधार पर बात करते हुए कहा कि इसकी समान प्रणाली से ही खुशहाली आएगी और गरीब युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने तथाकथित नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज भी कलियुग में कुछ नेता गरीबों के नाम लेकर ही अपनी नैया को पार करते हैं। जबकि गरीब आज भी हासिए पर हैं।उन्होंने कहा कि बिहार मे शराबबंदी ठीक है पर एक बोतल शराब ले जाने वाले जेल में हैं और ट्रक उतारने वाले मजे में जी रहे हैं। ताड़ीबंदी को उन्होंने गरीबों के लिए अन्यायपूर्ण माना। यह भी कहा कि ताड़ी रस है और खजूर की ताड़ी उन्होंने खुद रोगग्रस्त होने पर पिए थे । मांझी ने लोगों को अगामी 08 अप्रैल को पटना गांधी मैदान में पार्टी द्वारा आयोजित गरीब रैली में आने का निमंत्रण भी दिए। सभा को पूर्व मंत्री बृषिण पटेल, पूर्व विधायक रवीन्द्र राय, जिलाध्यक्ष प्रो. संजय सिंह, महासचिव आशीश पटेल आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता व संचालन प्रो. वेदप्रकाश पटेल व चंदन पासवान ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर विकास कुमार, डॉ. सुमन सिन्हा,पंकज कुमार, संजीव कुमार, संजय कुमार, राजीव शुक्ला,गीता कुशवाहा, अशोक जायसवाल, विकास कुमार,मनोज पटेल, सुनिल सिंह आदि उपस्थित थे |

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