पी न्यूज़ डेक्स से राजेश कुमार मुन्ना की रिपोर्ट ::- पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने शुक्रवार को नोटबंदी और जीएसटी पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि रोज संशोधन से समस्या दूर नहीं होगी, बल्कि एक समिति बनाकर इसमें पूरी तरह बदलाव करना चाहिए।
यशवंत सिन्हा वंचित वर्ग मोर्चा के बैनर तले एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी में संशोधन से समस्याएं दूर नहीं होंगी। नए सिरे से इसे बनाना होगा। इसके लिए विजय
केलकर के नेतृत्व में केन्द्र।सरकार एक समिति बनाए। 
यशवंत सिन्हा ने कहा कि एक साल बाद भी नोटबंदी अपने मकसद में सफल नहीं हो सका है। नोटबंदी पर केंद्र सरकार ने कहा था कि कालाधन पर चोट होगा। दावा किया था कि देश में चार-पांच लाख करोड़ नकदी के रूप में काला धन है, यह वापस बैंकों में नहीं आएगा। लेकिन 99 फीसदी नकदी वापस आ गई। नोटबंदी और जीएसटी मामले में केंद्र सरकार असत्य का सहारा ले रही है। नोटबंदी से 20 लाख नौकरियां खत्म हुईं। विकास दर दो फीसदी नीचे आया। देश में रेड राज चल रहा है। आयकर विभाग ने कई मुकदमे किए हैं। 
उधर ‘वंचित वर्गों की आर्थिक, सामाजिक और रोजगार की वर्तमान स्थिति’ पर संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि वंचितों को आरक्षण का अपेक्षित लाभ मिला या नहीं, इसके अध्ययन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग बनना चाहिए। आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से बढ़ाया जा सकता है या नहीं, इसका भी अध्ययन हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की कि निजी क्षेत्रों में आरक्षण के लिए विधानसभा से कानून पारित कर केंद्र को प्रस्ताव भेजें। 
मोर्चा के संयोजक और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी ने कहा कि सच कहना बगावत है तो समझो हम बागी हैं। वंचित वर्ग की लड़ाई जारी रखेंगे। प्रमोशन में आरक्षण, छात्रवृत्ति योजना, न्यायपालिका में आरक्षण आदि हो। आरोप लगाया कि देश में आरक्षण समाप्त करने की साजिश चल रही है। जितेंद्र नाथ, हरिलाल यादव, एसएन सिन्हा आदि ने भी विचार रखे

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