डाक टिकट पर होगा अब आपका चेहरा-- 'शैलेश'
कृष्ण कुमार संजय ,समस्तीपुर : पत्र-लेखन के प्रति आकर्षण बनाये रखने की दिशा में 'मील का पत्थर ' साबित होगा ' माई-स्टाम्प'--

.जिले के प्रधान डाकघर परिसर में समस्तीपुर डाक प्रमंडल द्वारा 'डाक-परिचर्चा' का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता डाक अधीक्षक धनंजय कुमार ने की।कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डाक  अधीक्षक ने शाखा डाकपालों को बताया कि  31 दिसंबर 2017 तक ग्राहकों के द्वारा अपने खातों को आधार-कार्ड से नही जोड़े जाने की स्थिति में खातें निष्क्रिय हो जाएंगे।वही निरीक्षक नीरज कुमार ने सभी जीडीएस कर्मियों को डाक विभाग द्वारा सभी शाखा डाकघरों के कार्य सम्पादन हेतु उपलब्ध कराए गए हैंड-डिवाइस का बेहतर उपयोग की सलाह दी।वक्ताओं की अगली कड़ी में डाक  प्रमंडल के मार्केटिंग एक्सक्यूटिव सह जनसम्पर्क निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ग्लोबल मार्केटिंग और प्रतिस्पर्धा की दौर में डाक विभाग अपने विशालतम नेटवर्क,विश्वसनीय साख और राजमहलों के चकाचौन्ध से सहमी-शर्मायी झोपड़ियों तक कि पहुंच के साथ सीमित संसाधनों का प्रयोग कर नित्य नई-नई आकर्षक जनहितकारी सेवाएँ शुरू कर रहा है, जिसके असर से  डाक विभाग के आय में दिनों-दिन बढ़ोतरी स्पष्ट देखी जा सकती है। आज का दिन डाक प्रमंडल और इस जिले के लिए एक ऐतिहासिक दिन है ,जब कोई भी आम ब्यक्ति अपना खुद का डाक-टिकट बनवा सकता है । इस शुभ अवसर पर आज से 'माई-स्टाम्प' की शुरुआत समस्तीपुर प्रधान डाकघर से की जा रही है।इन्होंने कहा कि  देश के नौनिहालों के साथ-साथ अन्य लोगों का पत्र-लेखन के प्रति आकर्षण बनाये रखने की दिशा में 'माई-स्टाम्प' योजना 'मील का पत्थर' साबित होगा।श्री सिंह ने आगे बताया कि  विशेष ब्यक्ति या अवसर पर अब तक  जारी होने वाला भारतीय डाक-टिकट अब पुराने चेहरे से अलग नई रूप-रेखा में ढलता नज़र आएगा और इस उद्देश्य से 'माई स्टाम्प' योजना आम लोगों की पहचान बन सकता है। देश का कोई भी आम ब्यक्ति इस 'माई स्टाम्प' योजना अंतर्गत अपने चेहरे तथा नाम से डाक टिकट निकलवा सकता है,जिसका उपयोग डाक विभाग के माध्यम से भेजे जानेवाले साधारण पत्रों वाले लिफाफे,निबंधित पत्रों तथा स्पीड पोस्ट, डाक टिकट संग्रहण के साथ-साथ जन्मदिन,शादी जैसे अन्य सुखद पलों को यादगार बनाने या भेंट स्वरूप देने के लिए किया जा सकता है ।श्री सिंह ने समस्तीपुर प्रधान डाकघर से शुरू होनेवाली इस नवीनतम योजना संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'माई स्टाम्प' योजना का लाभ लेने हेतु ग्राहक डाक विभाग के निर्दिष्ट प्रारूप में अपना नाम,पता,मोबाइल नंबर,ईमेल,पहचान पत्र की प्रति, एक पासपोर्ट आकार का खुद का फोटो के साथ 5/- रूपये मूल्य वर्ग के 12 डाक-टिकटों के प्रति सेट के लिए 300/- रू०(न्यूनतम) की दर से शुल्क जमाकर अपने चेहरे का डाक टिकट निकलवा सकते हैं।यह टिकट 2 टिकटों का जुड़ा हुआ स्वरूप व 2 भागों में होगा,जिसके पहले भाग पर जहाँ टिकट छपवाने वाले ब्यक्ति का फोटो और नाम होगा तो दूसरे भाग पर भारतीय फूल डॉलिया,लिली, ताज महल, ग्रीटिंग्स आदि के परंपरागत प्रतीक की आकृति के साथ 5/- रू० मूल्य वर्ग भी अंकित रहेगा तथा टिकट के दोनों भाग को अलग-अलग इस्तेमाल करने पर विभाग द्वारा इसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी यानी इन दोनों भाग का अलग-अलग इस्तेमाल सर्वथा वर्जित है और टिकट का मूल्य बेकार चला जायेगा,इसलिए टिकट का आपस मे जुड़ा होना आवश्यक होगा।श्री सिंह ने बताया कि 'माई स्टाम्प' संबंधित किसी भी जानकारी हेतु सीधे तौर पर जनसम्पर्क निरीक्षक से या उनके मोबाइल न०-07763819709 के माध्यम से डाकघर के किसी भी कार्य-दिवस को संपर्क किया जा सकता है।अंत मे श्री सिंह ने हरपुर एलोथ निवासी मो० अखलाक,मारवाड़ी बाजार के राजेश कुमार शर्मा तथा  ताजपुर रोड के तुषार सरकार को 'माई-स्टाम्प' योजना अंतर्गत निकाले गए डाक-टिकटों का सेट सौप दी तथा उपस्थित लोगों से 'माई स्टाम्प' योजना का भरपूर लाभ लेने की अपील की। मौके पर डाकपाल रामेश्वर राय,अवधेश  चौबे,यसवंत सिंह,हसन साज़िद, बासुदेव सिंह,रणधीर शर्मा,क्रांति कुमार,जगदीश चौपाल,चंद्र प्रकाश सिंह समेत अन्य लोग शामिल थें। 

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