मुजफ्फरपुर से विकास कुमार की रिपोर्ट :


जी हाँ  ऐसा हीं चलता है मुज़फ़्फ़रपुर प्रान्तीय पशु चिकित्सालय चंदवारा बनारस बैंक चौक स्थित अस्तपताल दिन के 11 बजे से 3 बजे तक ही चलता है जबकि सरकारी नियमानुसार 24 *7 चलना है दिन रात।जिसका जीता जागता तस्वीर आप देख सकते हैं
जबकि नियमानुसार चौबिस घंटे इसको खुले रखना है और पशुओं की सुविधा देना है। इतना ही नही यहाँ न तो पानी की व्यवस्था है न ही बिजली की। वहाँ के स्थानीय लोगो का कहना है कि सरकारी नियमो व आदेशो की अवहेलना हो रही है। शाम के तीन बजे के बाद यहाँ सन्नाटा रहता है। मुख्य गेट बंद हो जाती है। इसका खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय व्यक्ति अपने कुते को इलाज के लिए गए तो वहाँ के मुख्य गेट बंद था। ये बताते है कि मैं दो दिन से अस्पताल का चक्कर काट रहा हूँ। लेकिन कोई डॉक्टर और न ही कोई कर्मी दिखाई दे रहा है। मेरे कुत्ता की तबियत बहुत ज्यादा खराब है। जबकि डॉक्टरों चौबीसों घंटे खुले होने का दावा करते है। स्थानीय एक महिला दुकानदार ने बताया कि सिर्फ दिन में ही खुलते है और रात को हमेशा बंद रहती है। जब सामाजिक कार्यकर्ता अजय पांडेय ने चंदवारा के बीएस से इस संबंध में फोन पर बात की तो बताया कि यहाँ पर सुविधा नही होने के कारण दिन का काम चंदवारा में होता है और रात का काम भगवानपुर स्तिथ क्षेत्रिय कार्यालय में होता है। बीएस ने बताया कि मैंने इसकी जानकारी जिला पशुपालन अधिकारी को दिया है। अभी तक आदेश या सुविधा उपलब्ध नही होने के कारण रात्रि को यहाँ बंद रहता है। वही जब भगवानपुर स्तिथ कार्यालय में इलाज के पशु को लाया गया तो यहाँ के नाईट गार्ड मुकेश कुमार ने बताया कि यहाँ तो कार्यालय है यहाँ इलाज़ नही होता है। जबकि बीएस का कहना है कि रात्रि में भगवानपुर में इलाज़ होता है लेकिन गार्ड ने बताया कि यहाँ सरकारी आवास है यहाँ इलाज़ नही होता है।

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