पानीपत से सुनील वर्मा की रिपोर्ट :


गाँव उग्राखेड़ी के युवक को थर्ड डिग्री देने के मामले में कई  बार उग्राखेड़ी गांव में आसपास के गांवों की महापंचायत हुई। पंचायत ने  सीआइए 3 प्रभारी प्रवीण कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया था लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। आज  महापंचायत म एसपी से मिलने पानीपत के लघुसचिवालय में पहुंची लेकिन एसपी पानीपत के पानीपत से बाहर होने के चलते पंचायत ने सीआईए के प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपनी मांग डीएसपी हैड क्वार्टर को दी डीएसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया की मामले की जांच कर कार्यवाही की जायेगी। 

  
  शुक्रवार को उग्राखेड़ी गांव  में मास्टर बलबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई पंचायत में सबसे पहले उग्राखेड़ी गांव के दीपक से आपबीती पूछी गई। उसने बताया कि सीआइए 3 प्रभारी प्रवीण कुमार पहले किला चौकी इंचार्ज थे। उसी समय उनसे दोस्ती थी। तीन माह पहले उससे कहासुनी हो गई, इसलिए वह रंजिश रखने लगा। 7 दिसंबर को सीआइए 3 पुलिस उसको बुलाकर ले गई और थर्ड डिग्री  टार्चर किया । पुलिस कर्मियों ने मुंह पर कपड़ा रखकर लगातार पानी डाला, जिससे उसकी सांसें फूल गई। जब उसने कारण पूछा तो वह चुप रहे। पूरी रात थाने में रखकर अगले दिनछोड़ा। उसने बताया कि थर्ड डिग्री देने से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। मामला उछलते देख दबाव बनाने के लिए सीआइए 3 पुलिस उसके मामा के लड़के को उठाकर ले गई और उसके साथ मारपीट की। आसपास के गाँवों की पंचायत के लोग पुलिस के इस तरह के व्यवहार से दुखी थे और पुलिस के इस रवैये के खिलाफ लामबंद होकर अधिकारियों से सीआईए प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं लेकिन पुलिस अपने ही सीआईए प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही से बच रही है और ग्रामीण अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना चाहते हैं यही पेंच पंचायत और अधिकारियों में फसाँ हुआ हे फिलहाल तो डीएसपी हेडक्वॉटर ने जांच का आश्वाशन देकर मामले को शांत किया हैं लेकिन मामला शांत होता दिखाई नहीं दे रहा अगर पुलिस आलाधिकारी कार्यवाही नहीं करते तो मामला उच्च अधिकारियों तक या सीएम तक भी पहुँच सकता हे। 

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