पानीपत से सुनील वर्मा की रिपोर्ट :

  पानीपत हरियाणा पर्यटन विभाग के रिसार्ट स्काईलार्क के कांफ्रेंस हाल में प्रदेश भर से आये आरटीआई एक्टिविस्टों ने सुचना के अधिकार और उसके प्रयोग करने से हुए अनुभवों व् सुचना प्राप्तकरने में आई दिक्क्तों और उनके निवारण को लेकर जमकर मंथन हुआ। सम्मेलन में हरियाणा के जाने माने एक्टिविस्ट शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए हरिन्द्र ढिंगरा ने कहा की हम संगठित होकर जितने भी इशूज सामने आये हैं उन्हें एड्रेस करेंगे और हरियाणा के हर जिले में हर दो महीने बाद कांफ्रेंस हो और सुरक्षा,सुचना और भ्र्ष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर काम हो। रिटायर्ड आईएएस ने कहा की लोगो में जन जागरण टाइप का अभियान शुरू हो लोगो तक बाते जाए की उनके अधिकार क्या आहे खासकर चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में। 
 प्रदेश भर से आये आरटीआई एक्टिविस्टों ने आरटीआई एक्ट से जुड़े सुचना के अधिकार के मुद्दों पर मंथन किया और अपने अपने क्षेत्र के अनुभवों को एक दूसरे से सांझा किया। सम्मेलन में आये सभी एक्टिविस्ट एक बात से सहमत हुए की उन्हें लोगो से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए उन्हें तभी सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। सभी एक्टिविस्टों ने जहाँ अपने अनुभवों को सांझा किया वहीँ सुचना प्राप्त करने के दौरान आने वाली दिक्क्तों और धमकियाँ मिलने के अनुभव भी सांझा किये।
वीओ :-  झज्झर से आये बुजुर्ग एक्टिविस्ट का भ्र्ष्टाचार के मुद्दे पर अपना तर्क था की लोकायुक्त का पद आरामगाह की कुर्सी है आप सभी कहते हैं उसे पावर दी जाए मै कहता हूँ की वह मरी हुई जान है जिसके फ्यूज उड़े हुए है पहले भी ऐसे ही थे अब भी ऐसे ही हैं।  दूसरी तरफ विजिलेंस पर टिपणी करते हुए उन्होंने कहा पहले शिष्टाचार था की पैसे देकर काम करवाना लेकिन अब लूट है लूट की शिकायत कहाँ  की जाए स्टेट विजिलेंस की हालत यह हे की जिन्हे आप भ्र्ष्टाचार के आरोप में पकड़वाओगे उन्हें वह लूट लेंगे रैड हैंडेड पकड़ने के बाद भी केस केंसल हो जाते हैं यह चलता रहेगा। 
 आरटीआई एक्टिविस्ट्स के स्टेट कांफ्रेंस के आयोजक प्रसिद्ध एक्टिविस्ट पीपी कपूर का मानना है की लोकायुक्त को पावर दी जानी चाहियें उसे दंत विहीन बाघ की तरह नहीं रखना चाहिए उसे पावर मिलेंगी तो भ्र्ष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही कर सकेंगे दूसरे सुचना के अधिकार के तहत जो अधिकारी सुचना नहीं देते सुचना आयोग उन पर कड़ी कार्यवाई नहीं करता तीसरे आरटीआई कार्यकर्ताओ का दमन रुके  झूठे केस ना बनाये जाए उन्होंने कैथल के बालु गाँव के एक्टिविस्ट का उदाहरण दिया।  पीपी कपूर ने यह भी बताया की वर्ष 2018 को आरटीआई वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और पुरे हरियाणा में 6 सम्मेलन किये जाएंगे ताकि सुचना का अधिकार एक जन आंदोलन बन जाए और लोग भ्र्ष्टाचार के खिलाफ खड़े हों व् अपने अधिकार के लिए आगे आएं।

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