नेटवर्क के खेल में फेल हो गई है मोबाइल कंपनियां

  विनय कुमार मिश्र

गोरखपुर।गलाकाट प्रतिस्पर्धा में मोबाइल कंपनियां उपभोक्ताओं को तो बढ़ाते चली जा रही हैं लेकिन उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना मुनासिब नहीं समझ रही हैं।मोबाइल कंपनियां हर रोज उपभोक्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए ऑफर तो लांच कर रही हैं लेकिन धवस्त होते नेटवर्क पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं जिससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एअरटेल के उपभोक्ता सत्येंद्र ने बताया कि कभी कभी मोबाइल में नेटवर्क तो दिखता है लेकिन कॉल करना काफी मुश्किल हो जाता है जिससे हैरान परेशान होना पड़ता है।बीएसएनएल के उपभोक्ता विनय ने बताया कि जैसे ही बिजली गायब होती है वैसे ही नेटवर्क गायब हो जाता है।ये कहानी हर रोज की बन गई है।यही नहीं नेटवर्क रहने पर भी दो तीन बार मिलाने पर कोई कॉल पूरी होती है अन्यथा बीच बीच में कट जाता है। कुल मिलाकर सभी कंपनियों का यही हाल है। कुछ कुछ कंपनियों के नेटवर्क तो एकदम कमजोर होते हैं।जानकार बताते हैं कि नेटवर्क की समस्या इंटरनेट यूज करने की वजह से बढ़ती जा रही है क्योंकि सभी कंपनियों का नेटवर्क वही पुराना वाला है जबकि नेटवर्कों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस वजह से मोबाइल कंपनियां मालामाल तो हो रही हैं लेकिन उपभोक्ता हैरान और परेशान होते जा रहे हैं तथा दिक्कतों से दो चार होना पड़ रहा है।जिम्मेदार भी इस बात को बखूबी समझते है लेकिन कोई न कोई बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते है।सवाल ये उठता है कि पुरी किमत चुकाने के बाद भी ऐसी मजाक मोबाईल कम्पनियाँ मोबाईल उपभोक्ताओं के साथ क्यों कर रही है।

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