सचिव व्यवसायिक शिक्षा /नोडल अधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा थाना जयसिंहपुर का निरीक्षण। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थायें मिली बेहतर। 
अपराध नियन्त्रण पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश।
सुलतानपुर से अरुण साहू के साथ अनिल निषाद की रिपोर्ट :

, सचिव व्यवसायिक शिक्षा, उ.प्र. शासन/जनपद नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार ने अपने सुलतानपुर भ्रमण के दूसरे दिन आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा थाना कोतवाली जयसिंहपुर का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थायें अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों की अपेक्षा की बेहतर है। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को अपराध नियन्त्रण पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। 
सचिव व्यवसायिक शिक्षा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के दौरान पंजीकरण काउन्टर, दवा वितरण काउन्टर, एक्सरे कक्ष, पैथालाजी कक्ष, चिकित्सकों की ओ.पी.डी. कक्ष तथा वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय तक 23 जरूरतमंद लोगों का पंजीकरण हुआ था। बताया गया कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर 150 से 200 तक मरीज प्रतिदिन इलाज के लिये आते हैं और 15 से 20 एक्सरे प्रतिदिन होता है। उन्होंने दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। सभी आवश्यक दवायें उपलब्ध पायी गयी। उन्होंने चिकित्सकों की ओ.पी.डी. कक्ष का निरीक्षण किया तथा उनके द्वारा उपचारिक रोगियों के बारे में जानकारी ली। वार्ड के निरीक्षण में दो महिलायें भर्ती थी। उन्होंने उनसे चिकित्सालय द्वारा मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपने निरीक्षण के दौरान आशाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम को देखा। यहां 30-30 की संख्या में बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आशाओं से वार्ता कर जननी सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाले मानदेय के बारे में जानकारी ली। आशाओं द्वारा बताया गया कि उन्हेें नियमित रूप से मानदेय का भुगतान हो रहा है। उन्हें औसतन 1600 रूपये का मानदेय विभिन्न योजनाओं से प्राप्त हो जाता है। आशाओं ने सचिव से मासिक वेतन की मांग की। आशााओं ने बताया कि उनके द्वारा प्रधानमंत्री मातृ बन्दना योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों के फार्म भराये जाते हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई मानदेय नहीं मिलता है। आशाओं ने बताया कि वर्ष 2005 में  जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रति डिलीवरी पर उन्हें 600 रूपये का मानदेय मिलता था, इतनी मंहगाई बढ़ जाने के बावजूद 12 वर्ष बाद भी उन्हें वही 600 रूपये का मानदेय आज भी मिल रहा है। 
सचिव महोदय ने अपने निरीक्षण के दौरान पाया कि सभी कक्षों में चिकित्सकों के नाम की पट्टिका लगी है। चिकित्सालय में उपलब्ध दवाओं की सूची बोर्ड पर पेंट है। अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों व मुख्य स्टाफ के नाम दर्ज हैं, साथ ही साथ स्वास्थ्य कार्यक्रमों से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं की जानकारी हेतु बोर्ड पर प्रदर्शित किया गया है। सचिव ने कहा कि उनके सुलतानपुर भ्रमण के दौरान अब तक जितने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण किया गया, उनकी अपेक्षा जयसिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की सभी व्यवस्थायें बेहतर है। 
सचिव व्यवसायिक शिक्षा ने अपने भ्रमण के दौरान थाना कोतवाली जयसिंहपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान रजिस्टर नम्बर 08, रजिस्टर नम्बर 04, भूमि विवाद रजिस्टर, गार्ड फाइल तथा विभिन्न अधिकारियों द्वारा किये गये निरीक्षण की निरीक्षण आख्या, थाना समाधान दिवस से सम्बन्धित रजिस्टर व अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने थाने में उपलब्ध शस्त्र, पुरूष बन्दी गृह तथा कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण में पाया कि पिछले निरीक्षणों में अधिकारियों द्वारा जो टिप्पणी दर्ज की गयी थी उनका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निरीक्षण टिप्पणियों पर अनुपालन कराने तथा अपराध नियन्त्रण पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। 


सचिव के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी हरेन्द्र वीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामयज्ञ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी, सी.एम.ओ. डाॅ. सी.वी.एन. त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी प्रणय सिंह, क्षेत्राधिकारी नवीना शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी आर.बी.सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी पन्नालाल, प्राचार्य आई.टी.आई. संजय आर्य व सम्बन्धित उपस्थित थे। 

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