*ईद मिलादुन्नबी बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया*
अमित कुमार की रिपोर्ट :

जालौन उरई पैग़ंबरे इस्लाम मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश पर शहर में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा एक जुलूस निकाला गया जिसमें कई हजार लोगों ने एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए दिखें जिसमें  मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ हिंदू भाई भी हजारों की संख्या में साथ चलते नजर आए हिंदू भाई जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल हुए जुलूस-ए-मोहम्मदी झंडे हरे रंग के और पूरा शहर फूल मालाओं से गुलजार दिखा नौजवान बच्चे नात पढ़ते हुए माहौल को खुशनुमा कर रहे थे मौलाना तहजीब एवं मौलाना हसनैन कौशर मौलाना मुजफ्फर खान ने जुलूस ए मोहम्मदी में शिरकत करते हुए कहां की अमन और शांति के लिए मोहम्मद साहब के सिद्धांतों को अपनाना बहुत जरूरी है क्योंकि आज सारी दुनिया में मुसलमान को आतंकवादी ढहराया जाता है इसलिए मोहम्मद साहब के उसूलों पर चलकर हमें और आपको आतंकवाद का खात्मा करना है  जब हम सब एक साथ मिलकर कंधे से कंधा  मिलाकर चलेंगे तभी आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम कर सकते हैं इसी क्रम में  मौलाना कारी समसुल कमर ने कहा कि अगर हमें आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है तो हम ं सब को एक साथ मिल कर चलने की जरूरत है इसी क्रम में बोलते हुए हाजी मंजूर अहमद कादरी ने बोलते हुए कहा कि हम सब हिंदू मुस्लिम भाइयों को एक साथ चलने की जरूरत है जिससे देश में अमन और चैन रह सके जब हम सब एक साथ मिलकर चलेंगे तो देश में एक अमन और चैन और शांति का माहौल होगा एवं इसी क्रम में हाजी फिरोज अली शाह ने कहा हम सब अल्लाह के बंदे हैं वह हमारा निगहबान है इसलिए हम सब को एक साथ मिलकर रहना चाहिए जिससे देश में शांति का माहौल पैदा हो सके इसी क्रम में हाफिज अनवर ने कहा कि हम सब नेकी के रास्ते पर चलने वाले मुसलमान हैं इसलिए हम सबको हजरत मोहम्मद साहब के रास्ते पर चलने की जरूरत है जिससे कि आगे आने वाली जो बुराइयां हैं  यही पैगाम देते हुए कई हाफिज और  मौलाना ने भी अपने अपने विचार जनता के सामने रखें जिससे वहां मौजूद लोगों में खुशी का माहौल पैदा हो गया और लोग जोर जोर से आला हजरत के नारे लगाने लगे |

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