अमित कुमार की रिपोर्ट ,
जालौन:   पशु चिकित्सालय जालौन में चिकित्सक व दवाओं का आभाव , पशुपालकों को बीमार पशुओं के चिकित्सा हेतु मजबूरन झोला छाप नीम हकीमों के पास जाना पड रहा ।

    जालौन पशु चिकित्सालय में ४ दिसम्बर को उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी  डॉ दुष्यन्त सिहं आखों का आप्रेशन करानै हेतु एक माह की लम्बी छुट्टी पर है। जिसकारण भेड चिकित्सालय कै प्रभारी डॉ विनय राजपूत को जालौन का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। जो कभी भी जालौन चिकित्सालय में दर्शन देने के लिये भी नहीं आये है। जिस कारण चिकित्सालय में रामभरोशे चिकित्सा व्यवस्था चल रही है। चिकित्सालय में काफी समय से दवाओं का आभाव है। लेकिन शासन को पत्र लिखने के बाबजूद आपूर्ती नहीं कराई गई है ।
     
        वेट फार्मासिस्ट रामपाल प्रजापति ने जानकारी देते हुये बताया कि Hs गलाघोटू के 27200, fmo खुरपका के 41000 और ppr पोकने वाली बीमारी के ,12000 टीका पशुओं के लगाये जा चुके है।तथा 31 ,मार्च से आज तक 195 बकरी प्रजन्न ,1015 ,कृतिम गर्भाधन कराया जा चुका है।और पशुपालको को जईघास 360 kg,  mp चरी 60 kg की बिक्री की जा चुकी है। और काफी समय से फिनायल, पट्टी एवं महात्वपूर्ण दवायें चिकित्सालय में मौजूद नहीं है । जिसके बारे में जिम्मेदारों को पत्र भेजे जा चुके है। और उन्होने जानकारी देते हुये बताया कि कर्मचारियों की कमी के बजह से मुझे भी तीन दिन सोमवार, मंगलवार और वुधवार को कुठौन्द पशु चिकित्सालय जाना पडता है। 
      
        जिस कारण मौजूद कर्मचारी ही अनुभव के आधार पर बीमार पशुओं का उपचार करते है ।  
        डॉ विनय राजपूत से दूरभाष से बात करनी चाही तो उनका मोबाईल बन्द मिला। तब हमारे सम्बाददाता ने डॉ दुष्यन्त सिहं से बात की तो उन्होने फार्मासिस्ट रामपाल प्रजापति द्वारा दी गयी जानकारी की पुष्टि की । तथा उन्होंने कहा कि मैं डॉ विनय राजपूत को व्यत्तिगत फोन करके अभी बताता हूँ कि वह कम से कम सप्ताह में तीन दिन जरूर जालौन चिकित्सालय में उपस्थित हों 

       वही समाज सेवी सन्तोष साहू , लखन भदौरिया, शिवम सेंगर सोनू चौहान पूरन जाटव नफीस मेम्बर सोमिल याज्ञिक अशरफ मंसूरी धर्मेन्द्र सिहं चौहान आदि ने जिम्मेदारों से मॉग की है कि नगर के इकलोते पशु चिकित्सालय में चिकित्सक एवं दवाओं की कमी को अति शीघ्र पूर्ण किया जाये।

 

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