बहराइच से शुभम शंकर मिश्र की रिपोर्ट :

प्रतिरोधी परिवार के बच्चों के टीकाकरण में सहयोग करें ग्राम प्रधान व कोटेदार: डीएम

 टीकाकरण बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है। इसलिए बच्चों के हक की हिफाज़त करना प्रशासन, समाज और अभिभावकों की जिम्मेदारी है। टीकाकरण एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, टीकाकरण के विरूद्ध किसी प्रकार की गलतफहमी पैदा करने वालों से पूरी सख्ती के साथ निपटा जायेगा। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही भी की जा सकती है।
जनपद में आगामी 08 से 18 जनवरी तक संचालित होने वाले सघन इन्द्रधनुष मिशन के चतुर्थचरण के दौरान सभी प्रतिरोधी परिवारों सहित सभी लक्षित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के उद्देश्य से विकास भवन सभगाार में प्रतिरोधी ग्रामों के ग्राम प्रधान व कोटेदार के साथ आयोजित बैठक के दौरान यह बात जिलाधिकारी अजय दीप सिंह ने कही।
बैठक की उपलब्धि यह रही कि जिलाधिकारी के आहवान्ह पर सभागार में मौजूद प्रत्येक ग्राम प्रधान व कोटेदारों ने पूरे विश्वास और उत्साह के साथ इस बात का संकल्प लिया कि प्रतिरोधी परिवारों सहित पूरी ग्राम पंचायत में सभी लक्षित बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराये जाने का हर संभव प्रयास करेंगे। 
जिलाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण मिशन की महत्ता इसी बात से ज़ाहिर होती है कि स्वयं देश के प्रधानमंत्री द्वारा इस कार्यक्रम की समीक्षा की जाती है।  जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि माह जनवरी के चरण में कम से कम 90 प्रतिशत बच्चों को आच्छादित किया जाये। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों व कोटेदारों से यह भी अपील की कि गाॅव जवार के निराश्रित, बेघर व असहाय लोगों की मदद को भी आगे आयें। उन्होंने कहा कि जो लोग आर्थिक रूप से मदद करने में सक्षम नहीं है, वे कम से कम ऐसे लोगों को सही राह दिखलाते हुए उन्हें शिक्षा और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करें। 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सघन मिशन इन्द्रधनुष के चतुर्थ चरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, शिक्षक, सफाईकर्मी, एएनएम, आशा, सहायिकाओं सहित समाज के संभ्रांत व प्रभावशाली लोगों की भरपूर मदद ली जाय। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिरोधी समाज के जागरूक लोगों से भी सहयोग प्राप्त किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों एवं कोटेदारों के उत्साह को देखकर उन्हें इस बात का विश्वास है कि चतुर्थचरण में ज्यादा से ज्यादा लक्षित वर्ग को आच्छादित कर जनपद की ग्रेडिंग में सुधार होगा।
बैठक के दौरान सब टीम लीडर डा. अंकुर ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि टीकाकरण से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की गलाघोटू, काली खाॅसी, टेटनेस, क्षयरोग, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, खसरा, निमोनिया, हीमो फिलस इन्फलूएन्जा टाइप बी, जापानी इन्सेफेलाइटिस या दिमागी बुखार जैसी 10 जानलेवा बीमारी से सुरक्षा होती है।  
बैठक का संचालन डीपीएम एनएचएम डा. आर.बी. यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम चन्द्र, जिला विकास अधिकारी ओ.पी. आर्य, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अजीत चन्द्रा, डीसीपीएम मोहम्मद राशिद व अन्य सम्बन्धित अधिकारी, ग्राम प्रधान व कोटेदार मौजूद रहे। 

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