मोतिहारी : मोतिहारी एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा और बेतिया एसपी विनय कुमार के नेतृत्ववाली टीम ने पाई बड़ी सफलता
मोस्ट वांटेड कुणाल सिंह समेत पांच दबोचे गए


मोतिहारी / सुजीत कुमार चंद्रवंशी 

मोतिहारी  (30 दिसम्बर 2017)   पुलिस की विशेष टीम ने चंपारण समेत नेपाल के कई इलाकों में आतंक का पर्याय बनते जा रहे शातिर कुणाल सिंह समेत पांच को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ जारी है। इनकी निशानदेही पर पुलिस टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी, एके-47 समेत अन्य घातक आग्नेयास्त्रों की जब्ती के लिए छापेमारी कर रही है।
सूचना के आधार पर पूर्वी चंपारण जिला पुलिस ने मुजफ्फरपुर पुलिस के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर जिले से कुणाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधी के पास से हथियार भी बरामद किया गया है। इस बीच, पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के कुरिया गांव निवासी कुणाल पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया न्यायालय परिसर में दिनदहाड़े बबलू दुबे की हुई हत्या में भी वांछित था।
कुणाल की गिरफ्तारी मोतिहारी एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा और बेतिया एसपी विनय कुमार के नेतृत्ववाली टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाने के पहाड़पुर मनोरथ गांव के सुधीर सिंह के बथान से की। पुलिस की एक टीम बदमाशों से पूछताछ कर रही है। वहीं, दूसरी टीम उसकी निशानदेही पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। संदेह के आधार पर कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पुलिस अन्य किसी का नाम बताने से अभी परहेज कर रही है।
गिरफ्तार कुणाल ने पूछताछ में कई राज खोले। बताया कि किस तरह बेतिया कोर्ट में 11 मई 2017 को हुई शातिर बबलू दुबे की हत्या को अंजाम दिया गया था। इसमें किन लोगों का साथ मिला था। साजिश में कौन-कौन शामिल थे? उसने रक्सौल के कैंब्रिज स्कूल परिसर में 3 जुलाई 2017 को एके-47 से की गई फायरिंग के बारे में भी बताया। इसकी साजिश का भी खुलासा किया। पुलिस इन दोनों मामलों के अलावा अन्य में कुणाल की संलिप्तता को खंगाल रही है।
बता दें कि शातिर कुणाल ने पीपरा थाने की कुंवरपुर पंचायत की मुखिया मालती देवी के पति वीरेंद्र ठाकुर व पुत्र राजकपूर ठाकुर की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। इसके अलावा कल्याणपुर में पुलिस के साथ मुठभेड़ समेत नगर व चकिया थाने में उसके खिलाफ रंगदारी के मामले दर्ज हैं। हाल में कुणाल के बढ़ते खौफ को लेकर जिला पुलिस ने उसके नाम पर पचास हजार रुपये के इनाम की घोषणा करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन, प्रस्ताव मंजूर नहीं हो पाया था। 27 मार्च 2017 को मोतिहारी सेंट्रल जेल से पेशी के लिए कुणाल को मोतिहारी कोर्ट लाया गया था। पेशी के बाद उसे लेकर सिपाही लौट रहा था। इसी क्रम में वह हथकड़ी छुड़ाकर भाग निकला था। कुणाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का नेतृत्व बेतिया एसपी विनय कुमार और मोतिहारी एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने किया। टीम में चकिया के डीएसपी मुंद्रिका प्रसाद, चकिया के इंस्पेक्टर संजय कुमार के अलावा डुमरियाघाट, कोटवा, केसरिया व पीपरा थानाध्यक्ष के अलावा बेतिया के पुलिस अधिकारी शामिल थे ।

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