कब्र से खुदवाई गयी लाश,हत्या का आरोप लगाते हुए परिजन पहुंचे थे हाईकोर्ट
अरुण साहू की रिपोर्ट :
सुलतानपुर-ननिहाल में रहकर सेना का जवान बनने की तैयारी के दौरान हुई युवक की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। दो महीने बाद शव को कब्र से खुदवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।परिजनों ने बेटे को प्रेम प्रसंग के चलते जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी।हालाकि इस मामले में कोर्ट ने एसपी अमित वर्मा को भी तलब कर लिया है।कुड़वार थाना क्षेत्र के पूरे भुलई "अलीगंज"निवासी तौफीक अहमद का 22 वर्षीय बेटा गुफरान उर्फ तौहीद अहमद सेना में जवान बनने के लिए अपने मामा कोतवाली नगर के पैगापुर निवासी सरवर के यहां रहता था। इसी वर्ष 9 अक्टूबर की रात उसकी अचानक तबियत बिगड़ गयी थी जिसे जिला अस्पताल लाया गया था। जहां पर इलाज के दौरान गुफरान की मौत हो गयी थी। 10 अक्टूबर को बिना पुलिस को सूचना दिए गुफरान के शव को दफन कर दिया गया था। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए केतवाली नगर में तहरीर दिया था। एफआईआर दर्ज नही होने पर 19 अक्टूबर को परिजनों ने कप्तान से मुलाकात किया। एसपी ने जांच कर कार्यवाही के लिए नगर कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया। बाजूवद इसके एफआईआर नही दर्ज हुई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर प्रमोद कुमार पांडेय ने 14 नवम्बर को एफआईआर दर्ज करने का आदेश नगर कोतवाली पुलिस को दिया। इसके बाद भी मुकदमा नही कायम हुआ। 11 दिसम्बर को निसकीन अख्तर ने हाईकोर्ट में सारा ब्यौरा रखते हुए याचिका दायर किया। अगले ही दिन मामले की सुनवाई हुई और हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारी को 18 अक्टूबर को तलब कर लिया। हाईकोर्ट से फैक्स मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस भी सक्रिय हो गयी। शुक्रवार की सुबह लाश को खुदवाकर अपने कब्जे में ले लिया।तीन पर है जहर खिलाकर मौत के घाट उतारने का आरोप,जहर खिलाकर गुफरान को मौत के घाट उतारने का आरोप लगाते हुए पैगापुर के नावेद, नन्हे और नईम के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मॉ का कहना है कि प्रेम प्रसंग के चलते इन लोगों ने उसके बेटे को जहर खिलाया है। मौत के बाद सदमे में होने की वजह से लाश दफनवा दी गयी थी। होश में आने पर नगर कोतवाली में तहरीर दी गयी थी।गुफरान का पिता तौफीक से मॉ का तलाक हो चुका है। इसी वजह से गुफरान अपने मामा के यहां रहता था। दावा किया जा रहा है कि 9 अक्टूबर की रात गुफरान को बहाने से बुलाकर खाने में जहर डाल दिया गया था। घर पहुंचने पर उसकी हालत बिगड़ गयी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान गुफरान ने दम तोड़ दिया था। हालाकि इस मामले में परिजनों की लापरवाही से ही शव दफन कर दिया गया था। बाद में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गयी थी, और यह मामला पुलिस के गले की फांस बन गया।

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