पी न्यूज़ डेक्स, दिल्ली न्यूज़ :
लोक सभा में  245 पुराने एवं अप्रासंगिक कानूनों को निष्प्रभावी बनाने वाले निरसन और संशोधन विधेयक 2017 तथा निरसन और संशोधन (दूसरा) विधेयक 2017 को मंजूरी मिली 

 विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद  ने कहा कि पुराने एवं अप्रासंगिक कानून को समाप्त करने की ये जो पहल शुरू की गई है वो स्वच्छता अभियान हैं. हमारी देश की आज़ादी के 70 वर्ष हो गए हैं लेकिन आज़ादी के 70 वर्ष बाद भी अंग्रेजों के ज़माने के कानून आज भी मौजूद हैं. ये ऐसे कानून हैं जो आज़ादी के आंदोलन को दबाने के लिए बनाए गए थे. हम उन्हें समाप्त करने की पहल कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि देश में कानून बनाना संसद का काम है और हम इस अधिकार को आउटसोर्स नहीं कर सकते. हमने इस बारे में सभी पक्षों के साथ व्यापक चर्चा की है.

मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से दोनों विधेयकों को पारित कर दिया. निरसन और संशोधन विधेयक 2017 के तहत 104 पुराने कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है जबकि निरसन और संशोधन (दूसरा) विधेयक 2017 के तहत 131 पुराने एवं अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है.

 इनमें सरकारी मुद्रा अधिनियम 1862, पश्चिमोत्तर प्रांत ग्राम और सड़क पुलिस अधिनियम 1873, नाट्य प्रदर्शन अधिनियम 1876, राजद्रोहात्मक सभाओं का निवारण अधिनियम 1911, बंगाल आतंकवादी हिंसा दमन अनुपूरक अधिनियम 1932 शामिल है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पिछले तीन वर्षों के दौरान 1200 पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त कर चुकी है.

 हावड़ा अपराध अधिनियम 1857 फोर्ट विलियम अधिनियम 1881, पुलिस अधिनियम 1888 , सप्ताहिक अवकाश दिन अधिनियम 1942, युद्ध क्षति प्रतिकर बीमा अधिनियम 1943 जैसे अंग्रेजों के समय के पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है.

विधेयक में शत्रु के साथ व्यापार (आपात विषयक उपबंधों का चालू रखना) अधिनियम 1947, कपास उपकर संशोधन अधिनियम 1956, दिल्ली किराएदार अस्थायी उपबंध अधिनियम 1956, विधान परिषद अधिनियम 1957, आपदा संकट माल बीमा अधिनियम 1962, खतरनाक मशीन विनियमन अधिनियम 1983, सीमा शुल्क संशोधन अधिनियम 1985 शामिल हैं. विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अंग्रेजों के ज़माने के कई कानून हैं जो अब अप्रासंगिक हो चुके हैं

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