ब्रजेश कुमार की रिपोर्ट :
समस्तीपुर जिले के  हसनपुर प्रखंड के उत्क्रमित  उंच्च  विद्यालय परोरिया में खुलेआम राज्य सरकार एवं जिलाधिकारी के आदेश को अंगूठा दिखाया  जा रहा ।इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब स्थानीय लोगों के साथ साथ विद्यालय के अध्यक्ष, वंहा के सरपंच सहित अन्य लोगों के बातों को सुनने के बाद पी न्यूज के संवाददाता जब उक्त  विद्यालय पर पहुंचे तो पता चला की जहां छात्र छात्राओं की इच्छा है कि हम लोग अंडा खाएं परंतु पिछले 3 नवंबर से चल रही अंडा योजना। आज तक 1 दिन भी अंडा नहीं दिया गया वही पहले 2 सप्ताह एक एक केला प्रति छात्र-छात्राएं दी गई और आज 1 दिसंबर को भी एक सेब दिया गया। वही प्रधानाध्यापक से पूछने पर उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक शंभू नाथ  ने बताया कि मैं अंडा नहीं चलाया हूं और आगे भी कभी नहीं चलाऊंगा मैं शिक्षा के इस मंदिर में अंडा नहीं चलाऊंगा | वर्ग 8 में 1 सहायक शिक्षक के साथ जाने के बाद पता चला कि यहां 12:00 बजे के बाद प्रायः टिफिन होती है और 1:30 बजे के बाद एमडीएम खिलाया जाता हैं। उसके बाद छुट्टी हो जाती है विद्यालय में सिर्फ 12:00 बजे तक ही क्लास चलती है जिसमें 3 घंटे का पढ़ाई ही हो पाती है उसके बाद सभी टीचर अपने में ही मशगूल रहते हैं ।छात्र उसी तरह खेलते कूदते अपना टाइम पास करते रहते हैं यहां सबसे बड़ी कठिनाइयां यह है कि इस विद्यालय में सिर्फ 9 शिक्षक  ही वर्ग 1 से 10 तक चलानी पड़ती है जिसे हम लोगों को थोड़ी कठिनाइयां होती है इस विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की क्या स्थिति है ।यह उस समय पता चला जब एक छात्र से यह पूछा गया कि समस्तीपुर के DM कौन है ? दूसरा सवाल बिहार के शिक्षा मंत्री कौन है ? इसमें बहुत सारा जवाब आया अशोक चौधरी सिर्फ एक स्टूडेंट बताया बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा है ।इस विद्यालय में शिक्षा की भी स्थिति क्या है बिहार सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रहे हैं फिर भी अभी तक यह स्थिति बनी हुई है कागज पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण भोजन चलती  है धरातल पर अभी तक नहीं देखने को मिला  वहीं जब अध्यक्ष ने पूछा कि सर आज तक अंडा कियो नहीं दिया गया तो प्रधानाध्यापक ने बताया कि आप लोग अपना काम करे। आप मुझसे नही पूछ सकते है आप विभाग को लिखे, मैं बिभाग को जवाब दूंगा।आप लोगों को नहीं।यहां स्थिति आक्रोश पूर्ण बनी हुई हैं ।कभी भी

जान आक्रोश फुट सकता हैं।

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