अब तो हद हो गई । चोरों ने ईश्वर को भी नहीं बख्शा।  वाह रे कलयुग। 


मोतिहारी से सुजीत कुमार की रिपोर्ट :
भौतिकता के इस युग में अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए अब अपराधी भगवान के घर को भी निशाना बनाने लगे हैं. ताजा मामला पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया से सामने आया है जहां उत्तर बिहार के सुप्रसिद्ध धवलपीठ ढेकहां मठ में शुक्रवार की रात्रि चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है.
अज्ञात चोरों ने ढेकहां मठ से भगवान राम और माता सीता का चांदी का मुकुट, 19वीं सदी के महान संत कर्ताराम-धवलराम बाबा की पवित्र समाधि पर लगे चांदी का मुखौटा और भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी चोरी कर ली. इतना ही नहीं चोरों ने धवलपीठ में रखे दान पात्र का ताला तोड़कर उसमें से चढा़वा की राशि भी चुरा कर अपने साथ लेते गए.
सभी सामान मिलाकर करीब एक लाख रुपये की क्षति धवलपीठ को हुई है.
धवलपीठ में हुई चोरी की घटना का खुलासा शनिवार की सुबह तब हुआ जब साफ-सफाई के लिए पुजारी समेत कुछ अन्य लोग मठ के अंदर गये. टूटे हुए दान पात्र और भगवान के मुकुट को गायब देखकर सफाई करने गये लोगों के होश फाख्ता हो गये. इन लोगों ने चोरी की सूचना धवलपीठ के महंत बाबा प्रमोद दास को दी. महंत श्री दास ने मंदिर में हुई चोरी की सूचना केसरिया पुलिस को दी.
सूचना पाकर केसरिया के प्रभारी थानाध्यक्ष ओंकारनाथ झा दलबल के साथ ढेकहां पहुंचे और धवलपीठ का निरीक्षण किया. महंत के आवेदन के आलोक में अज्ञात चोरों के विरुद्ध केसरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. चोरी गये भगवान के मुकुट समेत अन्य सामानों की बरामदगी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि छत के रास्ते प्रवेश कर चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा.
बता दें कि केसरिया का धवलपीठ ढेकहां मठ उत्तर बिहार का सुप्रसिद्ध मठ और लोगों के आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. धवलपीठ में हुई चोरी की यह घटना पूरे केसरिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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