गाड़ियों में तेज रोशनी वाले चाइना बल्बों का हो रहा इस्तेमाल, सफेद रोशनी वाले बल्ब देते हैं हादसे को न्योता

साकेत जैन सिवनी मप्र।

शहर की सड़कों पर चार पहिया और दो पहिया वाहन चालक मोटर व्हीकल एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस नियम के अनुसार कंपनी से जो वाहन खरीदे जाते हैं, उसमें वाहन मालिक परिवर्तन नहीं कर सकता। इसके बावजूद ये अपने वाहनों में चाइना मेड बिंब हेडलाइट लगवा रहे हैं। खासकर युवा वर्ग इस तरह की एलईडी लाइट में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। कई वाहनों में ऑटोमेटिक कलर चेंज लाइट भी लगी हैं। रात में जब इन वाहनों की हेडलाइट का फोकस किसी सामने से आ रहे किसी वाहन चालक या राहगीर पर पड़ता है तो उनकी आंखें चौंधिया जाती है। इसकी रोशनी इतनी खतरनाक है कि आंखों पर पड़ते ही कुछ देर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। इतना ही नहीं इस खतरनाक रोशनी से सामने आ रहे वाहन चालकों की जान पर भी बन आ सकती है। इस तरह की लाइट लगाने का फैशन-सा हो गया है, जिसके कारण अन्य नागरिकों को परेशानी बढ़ गई है। ऐसी लाइट के फोकस से कई बार वाहन चालक दुर्घटना का होने से बचे हैं।
कई प्रकार की लाइट्स उपलब्ध हैं
शहर के बाजारों में ये बिंब लाइट कई वैरायटी में उपलब्ध हैं। इनमें कलरफुल लाइट, सफेद, पीली और नीली कलर लाइट की डिमांड ज्यादा है। नियम अनुसार वाहनों में पीली रोशनी वाली लाइट होना चाहिए, लेकिन वाहन चालक अपने अनुसार लाइट लगवा रहे हैं। वाहन कंपनी की हैलोजन हेडलाइट नार्मल होती है, जो 55/60 वाॅट की होती है। स्पोर्ट्स वाहनों में 99/100 वाॅट की हेडलाइट लगी होती है, जिसमें प्रोटेक्शन सील लगी होती है। लेकिन वाहन मालिक इन गाड़ियों को अपने हिसाब से परिवर्तित करवा लेते हैं। वे प्रोटेक्शन सील हटाकर उसमें ब्लू कलर के जेनॉन बल्ब, जो 95/100 वॉट के होते हैं, लगवा रहे हैं। यह लाइट आंखों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है।
प्रशासन व यातायात विभाग को चाहिए कि ऐसे लोगों पर कार्यवाही करें जो कि व्हीकल एक्ट की नियमावली के विरुद्ध कंपनी द्वारा लगाई गई हेडलाइट से छेड़छाड़ करके अन्य चमकीली व तेज़ सफेद रोशनी वाली लाइटों का इस्तेमाल करते हैं।
ज्यादातर युवा वर्ग गाड़ियों में कर रहा है तड़क भड़क रोशनी वाले चाइना बल्बों का इस्तेमाल, आंखों में रोशनी पड़ने के बाद कुछ पल के लिए छा जाता है अंधेरा।
वाहन चेकिंग में लाइटों की नही की जाती है जांच, जबकि व्हीकल एक्ट की नियमावली के अनुसार अवैध हैं ये बल्ब।

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