बीआरए बिहार विश्वविद्यालय विभागों के दरवाजे पीटते हुए विभागों में जड़ा ताला
 विकाश कुमार की रिपोर्ट :
मुज़फ़्फ़रपुर बिहार विश्वविद्यालय में पेंडिंग सुधार और अंकपत्र लेने के लिए दूसरे जिलों से सैकड़ों छात्र- छात्राएं सुबह नौ बजे ही विश्वविद्यालय आ जाते हैं। यहां आने पर कर्मियों के बिचौलिए (कथित दलाल) उनपर हावी हो जाते हैं। छात्रों का आरोप है कि इनके कारण ही कर्मचारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते। घंटों खड़े रहने के बावजूद सुनवाई नहीं होती।
छात्रों ने कहा कि आवेदन लेने के बाद कोई प्राप्ति रसीद नहीं दी जाती है। संशय रहता है कि काम होगा या नहीं। स्नातक ऑनर्स द्वितीय व तृतीय वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि भी नजदीक आ गई है। आरोप लगाया कि बिना बिचौलियों की वजह से काम कराना ही मुश्किल है। विवि प्रशासन ने दावा किया था कि कॉलेज से पेंडिंग ठीक हो जाएगी, लेकिन नहीं हो पाई।पेंडिंग रिजल्ट में सुधार की प्रक्रिया में कर्मियों के मनमाने रवैये से आक्रोशित छात्रों ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा किया। विभागों के दरवाजे पीटते हुए उन्हें बंद कराया।
छात्रों ने कहा कि आवेदन लेने के बाद कोई प्राप्ति रसीद नहीं दी जाती है। संशय रहता है कि काम होगा या नहीं। स्नातक ऑनर्स द्वितीय व तृतीय वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि भी नजदीक आ गई है। आरोप लगाया कि बिना बिचौलियों की वजह से काम कराना ही मुश्किल है। विवि प्रशासन ने दावा किया था कि कॉलेज से पेंडिंग ठीक हो जाएगी, लेकिन नहीं हो पाई।

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