हमें राजभाषा के प्रति उत्तरदायित्वों की पूर्ति निष्ठापूर्वक करनी है ... वी.के. रायजादा
सुनील वर्मा की रिपोर्ट :
पी आर पी सी में नराकास की 37वीं बैठक का सफलतापूर्वक हुआ आयोजन

पानीपत, 28 दिसम्बर, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति पानीपत के तत्वावधान में पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल काम्प्लेक्स के सामुदायिक केंद्र में 37वीं बैठक का आयोजन 28 दिसंबर गुरुवार को किया गया । बैठक में जिला पानीपत स्थित बैंक, एन.एफ .एल.ए केन्द्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड आदि छियालिस सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों के साथ साथ इंडियन आयल की मार्केटिंग पाइपलाइन्स एवं पानीपत
मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के विभागाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नराकास पानीपत के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक पानीपत रिफाइनरी वी.के. रायजादा ने की ।
बैठक में मंचासीन गणमान्यों में बी.के. रे. मुख्य महाप्रबन्धक उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइन्स, एस. के. गोगोई, आर.के. सिंह महाप्रबन्धक पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स एवं नरेंद्र नाथ महतो थे। नराकास सदस्यों ने अध्यक्ष.नराकास के साथ अपने विभाग में किए गए उल्लेखनीय हिन्दी कार्यों की चर्चा की। अध्यक्ष महोदय ने उन सभी कार्यालयों को बधाई दी जिन्होने अपने कार्यालयों में अच्छा काम करने पर नगर राजभाषा की ओर से शील्ड और सम्म्मान पत्र प्राप्त किए । राजभाषा शील्ड और सम्मान पत्र प्राप्त करने वाले बडे कार्यालयों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड पानीपत प्रथम स्थान पर रहे, द्वितीय स्थान पर भाखडा ब्यास प्रबंध बोर्ड बीबीएमबी, पानीपत एवं तृतीय स्थान पर के. औ. सु. बल, पीटीपीएस इकाई तथा छोटे कार्यालयों में प्रथम स्थान पर इलाहाबाद बैंक पानीपत द्वितीय स्थान पर भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड पानीपत एवं तृतीय स्थान पर बुनकर सेवा केंद्र पानीपत रहे । साथ ही उन्होने हिन्दी पखवाडे के नराकास विजेताओं को भी बधाई दी ।
नराकास के अध्यक्ष वी.के. रायजादा ने बैठक में कहा आज की इस बैठक में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पानीपत के सभी कार्यालयों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह देखा गया कि सभी कार्यालय भारत सरकार की राजभाषा नीति को पूर्ण करने के लिए विशेष रूप से प्रयास कर रहे हैं । उन्होने जानकारी देते हुए कहा कि अभी हाल ही में पीआरपीसी में उच्च अधिकारियों हेतु हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उच्च अधिकारियों ने स्वयं कंप्यूटर पर हिन्दी में लिखने का प्रयास किया जो कि अत्यंत सराहनीय है ।
अध्यक्ष महोदय ने कहा कि आज राजभाषा का स्वरूप इतना व्यापक हो गया है कि राजभाषा ने प्रशासनिक कार्यों में ही नहीं बल्कि तकनीकि क्षेत्र में भी अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है । हमे अपने सवैधानिक कर्तव्यों को तो पूर्ण करना ही है इसके साथ ही अपनी राजभाषा के प्रति उत्तरदायित्वों की पूर्ति भी निष्ठापूर्वक करनी है ।
इस अवसर पर अध्यक्ष महोदय ने नराकास की इस वर्ष की द्वितीय पत्रिका स्नेह धारा का विमोचन भी किया । उन्होने सभी कार्यालयों से अनुरोध किया कि वे अपनी गतिविधियों और विचारों को स्नेहधारा में अवश्य शामिल करें, ताकि यह और अधिक प्रभावी बन सके । स्वागत सम्बोधन जे.ए.एन. कोरेरा द्वारा तथा बैठक का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती वर्षा यादव ने किया गया । अशोक कुमार शर्मा सदस्य सचिव नराकास ने संमेकित रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर विस्तृत चर्चा की गई।

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