घंसौर सचिव गोविंद रजक पर गंभीर आरोप

साकेत जैन, सिवनी  की रिपोर्ट :

।जनपद पंचायत घंसौर में अफसरशाही किस तरह अपने पूरे रॉब में है इसके उदाहरण समय समय पर अखबारों में देखने मिल ही जाते होंगे ताजा मामला आदिवासी अंचल घंसौर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत घंसौर में पदस्त सचिव गोविंद रजक के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई जनपद पंचायत घंसौर के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के नाम इस लिखित शिकायत में महिला द्वारा सचिव पर आरोप लगाया गया कि जब वह अपने जॉबकार्ड में सचिव सहाब से हस्ताक्षर लेने पहुँची तो सचिव ने उन्हें भद्दी भद्दी गालियाँ दी साथ महिला ने सचिव पर जाती सूचक शब्दों के इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया जबकि महिला बिमला बाई अहिरवार एक हरिजन परिवार से आती महिला ने बताया कि वह ग्राम पंचायत घंसौर में दिनांक 05 दिसंबर को दोपहर के वक्त ग्राम पंचायत पहुँची थी । अपने जॉब कार्ड में सचिव सहाब से हस्ताक्षर करने के लिए उन्होंने कई बार मिन्नतें की मगर सचिव गोविंद रजक को महिला की मिन्नतें राज नही आईं और वे अपना आपा खो बैठे ।

इससे पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें

इससे पहले भी सचिव गोविंद रजक पर अनेकों आरोप लगते रहे है। पर अफसरशाही की धार के आगे सब शिकायतें बोनी साबित हुई हैं । और आज तक तमाम विवादों में अपनी गहरी भूमिका निभाने के बाद भी सचिव गोविन्द रजक बेदाग होकर अपने पद पर काबिज हैं।

मुख्यालय में नही मिलते सचिव महोदय

पीड़ित महिला से जब हमारे प्रतिनिधी ने बात की तो बिमला बाई ने दर्द भरे शुर बताया की सचिव गोविंद रजक कई कई दिनों तक कार्यालय में नही रहते और जब उनसे कोई काम करने के लिए कहा जाता है तो वह बड़े ही बत्तमीजी से बात करते हैं ।

मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

सो बात की एक बात इस पूरे मामले में हम उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं । क्योंकि अगर सचिव गोविन्द रजक ने महिला से आपत्ति जनक शब्दों से बात की है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए साथ ही जाँच निष्पक्ष हो और दोषी पाए जाने पर सचिव सहाब को कड़ी से कड़ी सजा मिले जिससे महिलाओं के प्रति अधिकारियों का वह रवैया सुधरे जिसके चलते वे अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं

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