मो० राजिक खान की रिपोर्ट :

फलका / कटिहार
मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने
मनरेगा जैसी महत्वकांक्षी योजनाओं के माध्यम से मजदूरों तक अपनी पहुँच बनाना चाहती है तथा एक बेहतर विकल्प के रुप में यह योजना लागू किया गया और निश्चित तौर पर गरीब और मजदूरों के लिए एक उत्तम स्कीम है। मगर महत्वकांक्षी योजना फलका प्रखंड में लूट खसोट की योजना बन कर रह गई है। फलका प्रखंड के सालेहपूर व सौहथा उत्तरी पंचायत में स्थल पर कार्य किये बगैर ही कई योजनाओं में गड़बड़ झाला कर फर्जी निकासी का मामला उजागर हुआ है। यहां महत्वकांक्षी योजना मनरेगा में मजदूरों को बहुत कम मगर जनप्रतिनिधि , मनरेगा कर्मी व बिचौलियों की बल्ले बल्ले रहती है। प्रखंड के सोहथा उत्तरी पंचायत के बरेटा गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से मुनमुन चौधरी के घर तक वाली पथ से जिससे एक मात्र परिवार को ही सड़क से आवगमन की सुविधा होगी इस योजना की संख्या 06/2017-18एंव प्राकलित राशि दो लाख छ हजार चार सौ रुपया है और सड़क से घर तक में केवल 25 मीटर में मनरेगा का बोर्ड लगाकर बिचौलियों द्वारा फर्जी मजदूरों के खाते में रुपया डालकर बिचौलियों के द्वारा निकासी कर लिया गया है। इस योजना में 85 हजार रुपया की निकासी हो चुकी है। यह मामला तब खुलासा हुवा जब वार्ड सदस्य रुपम देवी , ग्रामीण रविन्द्र चौधरी , कौशल किशोर सिंह , अभिजीत चौधरी ने इसका विरोध किया और जांच में खुलासा हुवा। ग्रामीणों का आरोप था कि इस सड़क में बेटी के शादी में मुनमुन चौधरी ने फरवरी में ही खुद मिट्टी भराया था। जिसमे प्राकलन बनवा कर बिचौलियों के द्वारा चुपचाप योजना का बोर्ड लगाकर अवैध निकासी कर लिया गया। मामले में मुखिया नीतू सिंह ने कहा कि मेरे अनुसंशा के बगैर ही गलत तरीके से निकासी कर लिया गया । जिला पदाधिकारी को ग्रामीणों ने आवेदन देकर जांचोपरान्त बिचौलियों के विरुद्ध  कारवाई की मांग की है वहीं दुसरी धांधली का मामला सालेहपूर पंचायत मेें भी सामने आया है।आम लोगों का आरोप है की  सालेहपूर पंचायत में योजना संख्यां 27/2016 -17में प्रधानमंत्री सड़क से नया मुसहरी टोला वाले सज़क में मिट्टी भराई व ईंट सोलिंग निर्माण कार्य योजना में भी बगैर काम किये ही फर्जी तरीके से निकासी कर लिया गया है . जो कार्य स्थली जांच के बाद उजागर हो सकता है

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