ब्रजेश /पंकज की रिपोर्ट :-

समस्तीपुर :
 पूरे जिले में जुगाड़ गाड़ी धरल्ले से बेलगाम चल रही हैं जिससे सरकार को राजस्व का  भी क्षति  हो रही हैं।इसे चलाने के लिए ना तो रजिस्ट्रेशन और न ही इंश्योरेंस, समस्तीपुर की सड़कों पर बेखौफ दौर रही जुगाड़ गाड़ी। केरोसिन तेल एवं डीजल से चल रहा जुगाड़ वाहन पूरे वातावरण को प्रदूषित कर रहा है और यहां कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ती जा रही है। पटना उच्च न्यायालय ने जुगाड़ वाहन के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था । इसके बावजूद  समस्तीपुर के सड़क से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेधड़क जुगाड़ गाड़ी का परिचालन हो रहा है। हाल यह है कि अब इस अवैध वाहन का भी संघ बन गया है और उसके माध्यम से अवैध को वैध करने का दबाव दिया जा रहा।
जुगाड़ वाहन के परिचालन पर भले ही उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गयी हो़ किंतु जिले में जुगाड़ वाहन पूरी तरह से बेलगाम है़। शहरी, ग्रामीण व राष्ट्रीय उच्च पथ पर जुगाड़ वाहन बेरोक-टोक फर्राटे भर रहा है़। जिले भर के अधिकांश थानों के सामने से होकर जुगाड़ वाहन प्रति दिन गुजरता है।इसके बावजूद थाना पुलिस उस पर रोक लगाने के बदले मूक-दर्शक बनी हुई है। इतना ही नहीं यदि कोई थाना पुलिस किसी वाहन पर कार्रवाई करती है, तो उल्टे जुगाड़ चालक संघ द्वारा आंदोलन किया जाता है। जिससे पुलिस प्रशासन भी सुस्त पड़ जाती है़ कुछ ऐसी ही स्थिति इस समय पूरे समस्तीपुर जिले में बनी हुई़ है।
एक तो इस वाहन का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है, साथ ही उस पर जम कर ओवर लोडिंग भी की जा रही है़। इससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है़। अवैध जुगाड़ वाहन के परिचालन से वैध व्यावसायिक वाहनों के संचालकों का भी धंधा ठप पड़ गया है, जिस वाहन के परिचालन के एवज में नियमित टैक्स का भी भुगतान करना पड़ता है़। इतना ही नहीं जुगाड़ वाहन के परिचालन से वायु प्रदूषण में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है़। इससे आम जनों को हृदय व फेफड़े संबंधी बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है़।सरकार को इस जुगाड़ वाहनों पर हर हाल में रोक लगाने की आवश्यकता है।अगर इस पर रोक नहीं लगाया गया तो जो भी व्यवसायिक वाहनों को सड़क पर चलाने के एवज में सरकार को टैक्स दे रही हैं वो सड़क पर आ जाएंगे।जिसके लिए सरकार टेक्स ,इंसोरेंस, प्रदूषण आदि की मांग कर राजस्व की प्राप्ति सरकार को होती हैं वही जुगाड़ गाड़ी के लिए कोई भी प्रक्रिया नहीं वहीं इससे मनुष्य के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है जुगाड़ गाड़ी से निकलने वाले प्रदूषित धुंए से।यहाँ तक की यदि कोई जुगार गाडी किसी प्रकार की दुर्घटना कर भागने में सफल हो जाता है तो पुलिस के लिए सर का दर्द बन जाता है की किस न० की गरी थी तथा किस पर घटना का केस दर्ज किया जाय |यहाँ तक की बहुत से नावालिग़ ही जुगार गाडी चला रहा है |

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