BSNL के नेटवर्क से परेशान उपभोक्ता, अधीकारीयो पर निजी कंपनियो को फायदा पहुचाने का आरोप

साकेत जैन सिवनी मप्र।


 भारत सरकार के उपक्रम BSNL पर से अब जनता का भरोसा उठते जा रहा या कहे लगभग खत्म होते दिख रहा है।आये दिन सप्ताह में चार दिन नेटवर्क ठप्प रहने से उपभोक्ता इतने परेशान हो चुके है की रोजाना लोग इस उपक्रम को छोड़कर अपनी सिम अन्य कम्पनीयो में पोर्ट करा रहे है और अपने लैंडलाइन कनेक्शन कटवा रहे है।BSNL के सिवनी में बैठे अधीकारीयो को इस बात से कुछ भी मतलब नही दिख रहा है। इस दिसम्बर माह के अंत तक ही यह सेवा समय-समय पर लगभग दस दिनों तक लगातार बंद रही । ऐसी स्थिति मे नेट का उपयोग करने वाले उपभोक्ता और mp ऑनलाइन सेन्टर वाले काफी परेशान दिखे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अधीकारीयो पर निजी टेलीकॉम कंपनियों को फायदा पहुचाने के आरोप लगाए।

कुछ उपभोक्ता इस आशय की शिकायत करते भी दिखे परन्तु  BSNL के अधिकारीयो के रटे रटाये जवाब (केबल कट गया है) से संतुष्ट नही है।घंसौर नगर के उपभोक्ताओं में इस समय सरकार के सबसे भरोसेमंद उपक्रम पर से विश्वास समाप्त होते जा रहा है । लोग रोजाना इस उपक्रम को छोड़ने में लगे है। उपभोक्ताओं का कहना है की वे दो या चार दिन का नेट पैक लेते है और उतने ही दिन नेटवर्क नही मिलने से वे ठगे जा रहे है। इधर दूसरी ओर इस मामले को लेकर BSNL के निठल्ले अधिकारीयो से बात करने की कोशिश भी नेटवर्क ठप्प होने से नाकाम हो गई।लैण्डलाइन सेवा का जो उपभोक्ता उपयोग कर रहे है उनका कहना है कि मेरा फोन महीने में केवल 10 दिन ही मुश्किल से चालू रहता है और बिल मुझे पूरे महीने का थमा दिया जाता है।फिर अनेक बार दूरभाष केंद के चक्कर काटो कभी कोई मिलता ही नही है।पूरा घंसौर का एक्सचेंज ऑफिस शीतल श्रीवास्तव के हाथों में है जो अपनी तानाशाही दिखाते है।इस संबंध में उपभोगताओं ने शिकायत भी की है परंतु कोई निराकरण नही हुआ |

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