अमित कुमार यादव नई दिल्ली की रिपोर्ट
फिलहाल दिल्ली वालों को सीलिंग से कोई राहत नहीं मिली है. इस मसले पर दिल्ली सरकार और नगर निगमों के तीनों मेयर के बीच बैठक हुई, जिसमें मेयरों ने जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 22 जनवरी का वक्त मांगा है.

दिल्ली सरकार के पीडब्लूडी मंत्री सतेंद्र जैन, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की मेयर कमलजीत सेहरावत, पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर नीमा भगत और उत्तरी नगर निगम की मेयर प्रीति अग्रवाल, इस मीटिंग में शामिल हुए

नगर निगमों ने सरकार से मांग की है कि दिल्ली सरकार नगर निगम के अधीन आने वाले 351 सड़कों के व्यावसायिक/मिक्सड यूज को लेकर नोटिफाई किया जाए जिससे सीलिंग की कार्रवाई को रोक जा सके.

सरकार ने तीनों निगमों से कहा है कि वे जरूरी औपचारिकता पूरी कर 22 जनवरी तक उसके पास दस्तावेज जमा कराएं. इससे सीलिंग की समस्या का सामाधान निकलेगा. साथ ही, तीनों मेयरों से कहा है कि वे मास्टर प्लान के अनुसार दस्तावेज तैयार करें. सरकार की कोशिश थी कि निगम दो दिन के भीतर प्रस्ताव दाखिल कर दें, लेकिन मेयरों ने 22 जनवरी तक का वक्त मांगा.

इस मामले को लेकर सरकार ने कहा कि इससे मुद्दे को लेकर कई बार एमसीडी से पत्राचार किया गया, लेकिन निगम ने कोई जवाब नही दिया. लेकिन उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल ने कहा कि निगम ने हर पत्र का जवाब दिया गया.  

फिलहाल अब निगम 22 जनवरी तक सारी डिटेल्स दिल्ली सरकार के पास जमा करेगी, जिसके बाद ही कोई फैसला हो पाएगा. यानी फिलहाल सीलिंग से कोई राहत नहीं है.

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