फलका (कटिहार )

मदरसों के बारें में विवादित बयान देकर सुर्खियों में छाएं उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के बयान पे इमरान काज़मी ने विरोध जताने के साथ ही कई नाम चीन लोगों का हवाला देते हुए बोले मदरसा में मोहब्बत (प्रेम) की बात की जाती है में वसीम रिजयी चेयरमेन सिया वक्फ बोर्ड यू० पी० के बयान की निन्दा करता हूँ!वसीम रिजवी को मालुम होना चाहिए कि इस मुल्क की आजादी के लिए सबसे पहले आवाज उठाने वाले 1803 ई० में शाह मुहद्दिस देहलवी मदरसे के ही पढ़े हुए थे!साढ़े चार साल माल्टा के जेल में रहने वाले शेखुल हिन्द मौलाना महमदुल हसन और मौलाना हुसैन मदनी मदरसे से ही शिक्षा ग्रहण किये थे!जब मुल्क आजाद हुआ तो देश के प्रथम शिक्षामंत्री मौलान अबुल कलाम आजाद मदरसे के ही फ़ारगिन थे!देश राष्ट्रीयपति ए०पी०जे०अब्दुल कलाम आजाद मदरसे के चट्टी पर ही शिक्षापारारम्भ किये थे!अभी मौजूद बिहार के गिरह सचिव जनाब आमिर सुबहानी साहब जो कि आई०ए०एस०टॉपर रहे हैं मदरसे से ही तालीम याफ्ता हैं!मैं वसीम रिजवी को चैलेंज करता हूँ कि आप एक भी मदरसे का सुबूत दें जहाँ दहसत गर्दी की तालीम दी जाती है!हकीकत में मदरसे में तो इंसानियत, मानवता व अमन(शांति)की शिक्षा व समाजसेवा मुल्क से मुहब्बत(प्रेम)की बात की जाती है!

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