मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास समीक्षा यात्रा के दौरान शुक्रवार को उनके काफिले पर हुए पथराव मामले में शनिवार को पटना प्रमंडल के कमिश्नर आनंद किशोर और जोनल आईजी नैयर खान ने नंदन गांव पहुंच कर पूरे मामले कि जांच किए। इस संबंध में 15 लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आनंद किशोर ने बताया कि पथराव की साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।कमिश्नर और जोनल आईजी के साथ जिले के वरीय अधिकारी भी नंदन गांव पहुंचे। जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा और एसपी राकेश कुमार ने सभी वरीय अधिकारियों को उस प्वाइंट को दिखाया, जहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर पथराव किया गया था। कमिश्नर के साथ आईजी ने दलित बस्ती का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने धरातल पर यह पाया कि लगभग गांव के साथ साथ सभी क्षेत्रों में विकास का काम हुआ है। मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए अधिकारियों ने पथराव प्वाइंट पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों के बयान को कलमबंद किया है। गांव में अन्य लोगों से बात चित कर यह जानने की कोशिश की गई कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है।जांच के दौरान नंदन के पंचायत भवन में अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और पथराव के कारणों की पड़ताल करने की कोशिश की। हालांकि बैठक में मौजूद लक्ष्मी नारायण पाठक, राज कुमार पाठक और तारकेश्वर साह ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से गांव में खुशी थी और ऐसी घटना की उम्मीद तक नहीं थी। बैठक में अधिकारियों को पथराव के कारणों के बारे में फिलहाल कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई।बैठक के बाद प्रमंडलीय कमिश्नर श्री किशोर ने बताया कि घटना को लेकर प्रतिनियुक्त अधिकारियों  और अन्य लोगों से पूछताछ की गयी है। इस बिंदु पर जांच की जा रही है कि पथराव की घटना किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं थी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरा और विडियो फुटेज के आधार पर 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।पुलिस द्वारा पूछताछ किया जा रहा है इस घटना में संलिप्त दोषियों पर कठोर से कठोर कारवाई की जाएगी।

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