अमित कुमार यादव नई दिल्ली से रिपोर्ट
नोटबंदी के दौरान 51 करोड़ रुपये को बदलवाने की कथित अनियमितता के मामले में आरोपी बिजनेसमैन योगेश मित्तल को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि आरोपी जून 2017 से ईडी की कस्टडी में है. यह गैर कानूनी है. बेंच ने योगेश मित्तल को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर ये जमानत दी है.

मित्तल के अलावा इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन प्रबंधक आशीष कुमार, वकील रोहित टंडन, प्रवेश प्रचालक राज कुमार गोयल, आरसी शर्मा, दिनेश भोला और कमल जैन भी आरोपी हैं. रोहित टंडन को कोर्ट से अभी भी ज़मानत नहीं मिली है. कोर्ट उसकी ज़मानत ख़ारिज कर चुका है.
2016 मे नोटबंदी के बाद से कई जगह एजेंसियो ने छापे डाल कर नई करेंसी बरामद की थी. इसमें रोहित टंडन जैसे लोगों के साथ साथ बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत का भी पर्दाफाश हुआ था. इससे पहले पारसमल लोढ़ा को भी दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर चुका है.

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