बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज संझौली प्रखंड के सुसाडी में अपने समीक्षा यात्रा के दौरान कहे कि बिहार मे महिलाओं के कहने पर बाल विवाह व दहेज प्रथा समाप्त करने का अभियान शुरू किया गया हैं। हमारे यहाँ दहेज देने के डर से ही लोग बाल विवाह करते हैं। इसलिए हमने बाल विवाह व दहेज प्रथा समाप्त करने का अभियान शुरू किया।सीएम ने कहा कि हमारे एक संवाद कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने कहा कि शराब बंदी तो बिहार में कारगर है, उसी तरह अगर दहेज प्रथा को भी समाप्त किया जाए।दहेज के खातिर कई महिलाएं दहेज की बली चढ़ चुकी हैं दहेज के कारण ससुराल वालों से तरह तरह की फजीहत सुनना पड़ता हैं और जो महिलाओं से ये बर्दाश्त नही होता वे खुदकुशी करने को मजबूर हो जाती हैं ,तो कुछ को दहेज लोभी ससुराल वालों का ही शिकार हो जाती हैं। शराब के साथ साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह भी जड़ से समाप्त होना चाहिए।उन्होंने 21 जनवरी को बाल विवाह व दहेज प्रथा को समाप्त करने के मानव श्रृंखला में भाग लेने की अपील भी सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने की।इसके पहले सीएम ने सुसाडी गांव में बनाए गए वर्मी कम्पोस्ट, पशु शेड, बायोगैस, कचरा प्रबंधन, सत्याग्रह केंद्र का भी निरीक्षण किया। सीएम ने सत्याग्रह केंद्र के पास एक आम के पेड़ भी लगाए। प्रभारी कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने जैविक खेती को प्रोत्साहन देने की बातें भी कही। कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है। यहां कृषि की बहुत ज्यादा संभवनाएं हैं। मौके पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार, डीजीपी पीके ठाकुर आदि मौजूद थे। 

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