पानीपत(सुनील वर्मा):
शिवनगर स्थित भगवती एक्सपोर्ट में दबे दो श्रमिकों के परिजनों ने जीटी रोड की करनाल लेन पर करीब आधे घंटे तक जाम लगाकर प्रशासन और पुलिस की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया। आक्रोशित परिजनों का आरोप है कि पहले प्रशासन और अब ठेकेदार मलबा उठाने में लापरवाही बरत रहा है। हादसे के नौ दिन बाद भी उन्हें केवल भरोसा ही दिया जा रहा है। इस बीच जाम में करनाल सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा भी फंस गए। परिजनों ने उनकी गाड़ी घेर ली और बचाव कार्य तेज करने की मांग की। सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा हाथ जोड़कर लोगों को इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा देकर आगे निकल गए। पुलिस ने सांसद के निकलते ही जीटी रोड पर बैठे लोगों को खदेड़ दिया। प्रशासन ने इसके बाद ठेकेदार के साथ मिलकर मलबा हटाने का काम तेज किया। 
फैक्ट्री में दबे श्रमिक सोनू पाठक और मोनू के परिजनों का नौवें दिन भी फैक्ट्री का मलबा उठाने काम तेज न होने पर उनका गुस्सा फूट गया। आक्रोशित परिजन शिवनगर स्थित फैक्ट्री से रोष प्रदर्शन करते हुए जीटी रोड की दिल्ली-करनाल लेन पर मलिक पेट्रोल पंप के सामने पहुंचे। परिजनों ने यहां पर 12:09 बजे जाम लगा दिया। ज्यादा जाम लगता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। करनाल लोकसभा सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा भी जाम में फंस गए। वे दिल्ली से जाटल रोड पानीपत स्थित गुरुद्वारे में कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे। एसडीएम विवेक चौधरी, डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून व चांदनी बाग थाना प्रभारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जीटी रोड से हटने को कहा, लेकिन लोगों ने मलबा हटने के बाद ही जीटी रोड से हटने की बात कही।

सांसद ने हाथ जोड़कर दिया आश्वासन 
पुलिस द्वारा जीटी रोड से जबरदस्ती हटाने के बाद परिजन साइड में खड़े होकर रोष प्रकट करने लगे। इसी समय करनाल लोकसभा सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा का काफिला पहुंच गया। परिजनों ने सांसद की गाड़ी घेर ली। सांसद से न्याय की गुहार लगाई। सांसद ने परिजनों को हाथ जोड़कर शांत किया और डीसी एवं एसपी से बात कर बचाव कार्य तेज कराने का भरोसा दिया। 
परिजन बोले दिन में चार घंटे मुश्किल से करते हैं काम 
श्रमिकों के परिजन विनोद सोनू, मुकेश, मनोज, राहुल, दुर्गेश, सोनिया, बबीता व कांता ने बताया कि प्रशासन के बाद अब ठेकेदार भी मलबा उठाने में तेजी नहीं कर रहा। दिन के वक्त चार घंटे ही मलबा उठाया जा रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि हर रोज सुबह 11 बजे काम शुरू किया जाता है। दोपहर को एक बजे लंच पर चले जाते हैं। चार बजे फिर से चाय-पीने चले जाते हैं और पांच बजे बचाव कार्य बंद कर देते हैं। रविवार को भी एक जेसीबी व छह मजदूर मलबा उठाने में लगे हुए थे। प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। 

प्रशासन ने दोपहर बाद किया काम तेज, मेवात से पोकलेन मंगवाई 
परिजनों द्वारा जीटी रोड जाम करने के बाद प्रशासन रविवार को फिर से दौड़ा। एसडीएम विवेक चौधरी और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन प्रदीप अत्री ने फैक्ट्री पर पहुंचकर ठेकेदार को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मलबा तेजी से उठाने क के लिए मेवात से पोकलेन मशीन मंगवाई है। अधिकारियों के अनुसार पोकलेन मशीन सोमवार सुबह तक पानीपत पहुंच जाएगी। इसके बाद मलबा हटाने का काम और तेज कर दिया जाएगा। 
यह है मामला 
विदित है कि शिवनगर स्थित भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में शनिवार 30 दिसंबर की शाम को आग लग गई थी। दमकलकर्मियों ने पूरी रात व अगले दिन रविवार को पूरा दिन आग पर काबू पाया। आग लगने से दो मंजिला फैक्ट्री का अधिकतर हिस्सा गिर गया था। जिसमें श्रमि सोनू पाठक निवासी रायपुर बदायु यूपी हाल निवासी जगदीश नगर व नंदू निवासी दुल्हा खेड़ी शामली यूपी हाल निवासी डाबर कॉलोनी का सुराग नहीं लगा। परिजनों ने बताया कि दोनों प्रथम तल पर फोर नीडल मशीन चलाते थे। कुछ श्रमिकों की बातों पर यकीन करें तो वे फैक्ट्री के गोदाम के हिस्से में देखे गए थे, लेकिन उसके बाद दिखाई नहीं दिए। इस हिसाब से उनका बच पाना मुश्किल है। सोनू पाठक की मां ओमपति व भाई रिंकू ने बताया कि उनकी सांसे अटकी हुई हैं। प्रशासन मलबा हटाने में देरी कर रहा है। 
वर्जन 
शिवनगर स्थित भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री के मलबे में संदिग्ध दबे श्रमिकों के परिजन जीटी रोड पर आ गए थे। उनको समझाकर हटाया दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने फिर से फैक्ट्री का मौका मुआयना किया है। प्रशासन व पुलिस अपने स्तर पर जल्दी मलबा हटाने का प्रयास कर रहा है। 
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।

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