विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर।मण्डल में लगातार जनवरी के 17 वें दिन ठंड का कहर जारी रहा।इसके पहले ऐसी ठंडी 10 जनवरी 2011 में 10 दिन तक लगातार रही थी।इस ठंड की वडह से दिन और रात के तापमान में काफी कम अंतर रह गया है। हालांकि जनवरी के 17वें दिन आसमान थोड़ा सा सांफ तो हुआ लेकिन धूप नाममात्र की हुई और बेअसर रही। किसान ठंडी को गेहूं की फसल के लिए जहां उपयोगी बता रहे हैं वही मौसम विशेषज्ञ ठंडी से जल्द मुक्ति से निजात नहीं मिलने की बात कर रहे हैं।ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वही लोगों के लिए ठंडी मुसीबत बन गई है।मौसम विशेषज्ञ बता रहे हैं कि 1971 से अब तक की सर्दी का जो रिकार्ड हैं उसके मुताबिक इस साल जनवरी की ठंडी ने 47 साल का रिकॉर्ड तोड़ दी है।गलन पछुआ हवा के कारण स्कूल में छुट्टियां घोषित होती जा रही हैं वही लोग ठंडी के सितम की चर्चा चाय की दुकानों,अलावों पर करते नजर आ रहे हैं।किसी के समझ में यह नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसी ठंड क्यों पड़ रही है।मौसम विशेषज्ञ जहां इस ठंड के अनेक कारण बिना रहे हैं वही आम आदमी इन सबसे दूर शकुन खोज रहा है।लेकिन मौसम रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड तोड़ने पर आमदा है।ठंड और शीत लहर के वजह से ट्रेन भी लेट लतीफ चल रही है जिससे यात्रा करने वाले लोगों को भी मुसीबते झेलनी पड़ रही है।बहुत सी ट्रेने तो निरस्त करनी पड़ रही है।

Post A Comment: