डॉक्टर ए सत्तार के अनुसार किसान भाइयों के लिय सुझाव 
चीफ एडिटर कृष्ण कुमार संजय


>वसंत कालीन ईख शकरकंद गरमा सब्जी की बुआई के लिए खेती की तैयारी करें अक्टूबर-नवंबर महीनों में रोपी गई   की फसल में हल्की सिंचाई करें जो किसान भाई ईख लगाना चाहते हैं खेत की तैयारी कर बुवाई शुरू कर सकते हैं|

>मक्का की फसल जो 50से60 दिनों की अवस्था में है उसमें 40 किलोग्राम नेत्रजन प्रति हेक्टेयर की दर से उपरिवेसन कर मिट्टी चढ़ा दे आलू मक्का अंतरवर्ती खेती से तैयार आलू की निकाय गुराई  करें तथा मक्का में सिंचाई कर तीन चार दिन बाद 40 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर नत्रजन का उपरिवेसन  करें|

>पॉपलर  प्रबंधन एवं वृक्षारोपण के लिए मौसम अनुकूल है वानिकी आवश्यकता अनुसार शीशम सागवान खैर युकेलिट्स मोहंगनी शिरीष इत्यादि बीज संग्रहण तथा पौधशाला तैयार करें

>सरसों की फसल में लाही कीड़ों का आक्रमण हो सकता है बचाव के लिए डायमेथोयट 30ईसी की दवा का एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से घोलकर छिड़काव करें विलंब से बोई गई दलहनी फसल में 2%यूरिया घोल का छिड़काव 1 सप्ताह के अंतराल पर दो बार करें

>आम के बगीचे में मंजर आने के पहले करबोरिल दवा का 2 ग्राम का एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से गोल बनाकर पैरों पर छिड़काव करें


>झुलसा रोग से बचाव के लिए आलू की फसल में रिडोमिल दवा का 1.5 ग्राम प्रति ली पानी के दर से घोल बनाकर छिड़काव करें खेतों में नमी  को देखते हुए किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि सब्जियों की फसल में सिंचाई करें

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