विचार-अभिव्यक्ति और आत्मीयता प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम पत्र-लेखन" -'शैलेश'.

चीफ एडिटर कृष्ण कुमार संजय :


 डाक निदेशालय के निर्देश पर समस्तीपुर डाक प्रमंडल द्वारा शहर के एक 'पत्र-लेखन प्रतियोगि
ता' का आयोजनकिया गया,जिसका शीर्षक था-'कल्पना कीजिये कि आप समय के माध्यम से यात्रा करते हुए एक पत्र हैं,तो आप पाठकों को क्या संदेश देंगे?' डाक अधीक्षक श्री धनंजय कुमार के  निर्देश पर आयोजित इस प्रतियोगिता-परीक्षा के केंद्राधीक्षक सह प्रधान डाकघर के जनसंपर्क निरीक्षक  शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता में शहर के होलीमिशन स्कूल,टेक्नॉमिशन स्कूल तथा रोसड़ा के सरस्वती शिशु मंदिर के कुल 31 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।विभाग द्वारा इस प्रतियोगिता में शामिल होने हेतु 15 वर्ष तक के विद्यार्थियों की आयु सीमा तय है,किन्तु शब्दों और पंक्तियों की कोई सीमा नही थी। प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को बिहार परिमंडल स्तर पर पुरष्कृत किया जाएगा। यह प्रतियोगिता  पूर्व में डाकमहाध्यक्ष कार्यालय (पटना) में आज की ही तारीख में तय थी,किन्तु भीषण ठंढ और प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान रखते हुए विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर आयोजित करने हेतु निर्देशित किया गया।पत्र को विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए A4  साइज आकार के पेपर पर संबंधित विषय का पत्र हिंदी,अंग्रेजी या स्थानीय भाषा मे  लिखना था।कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान परिवेश में 'पत्र लेखन के प्रति देश के नौनिहालों को जहां एक ओर जागरूक करना था वही दूसरी ओर पत्रों के माध्यम से बच्चों के रुझान के साथ-साथ उनकी भौगोलिक,ऐतिहासिक  सांस्कृतिक कल्पना और जानकारी से अवगत होना था। परिवार और समाज मे आत्मीयता के संबंधों में बढ़ती दूरियों की जड़ में भी कहीं न कहीं  पत्र -लेखन के प्रति बच्चों के गिरते रुझान हैं।पत्र हमारे बड़े बड़े बुजुर्गों से अपने विचारों की अभिब्यक्ति और आत्मीयता प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम के साथ एक स्वस्थ्य परंपरा रही है जो अब बच्चों में दिनों -दिन घटती जा रही है।इंटरनेट के इस युग मे लोग महान महान परम्पराओं को भूलकर व्हाट्सएप्प और मैसेंजर के माध्यम से जुड़े चंद लोगों से ही संपर्क रखने में ही खुद को आधुनिक मान बैठते हैं ,जिन्हें वे ना तो अच्छी तरह जानते/पहचानते  हैं और ना ही उनके पते और विचारों से पूर्णतः अवगत हैं।पत्र-लेखन आत्मीयता,संबंध और विचार अभिब्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। प्रतियोगिता-परीक्षा की समाप्ति पर डाक अधीक्षक श्री धनंजय कुमार ने प्रतिभागी प्रत्येक बच्चे को पत्र-लिखने हेतु  दो-दो पोस्टकार्ड ,टॉफी, तथा पेन भेंट किया वही जनसम्पर्क निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने 'माई-स्टाम्प', 'दीनदयाल स्पर्श योजना' तथा डाक निरीक्षक शशि कांत सिंह ने 'सुकन्या समृद्धि योजना' जैसी बच्चों के लिए लाभकारी योजना की जानकारी दी

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